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डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये से काफी कुछ चीजें होगीं महंगी

नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले रुपया के कमजोर होने से इस दिवाली बिजली से जलने वाले दीये और लड़ियों के साथ-साथ प्लास्टिक के सजावटी सामान महंगे हो जाएंगे। यही नहीं, कृत्रिम धागों से बनने वाले कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी इसका असर पड़ रहा है। राहत की बात है कि टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, मिक्सर, ग्रांइडर जैसे सामान महंगे नहीं होंगे। हालांकि इस उद्योग के कच्चे माल की कीमत में भी बढ़ोतरी हो चुकी है, लेकिन वे त्योहारी मौसम तक दाम में बढ़ोतरी का खतरा शायद ही मोल लें।

यही नहीं इन सामानों पर लगने वाले आयात शुल्क का भुगतान तो रुपया में होता है, लेकिन कितना शुल्क का भुगतान होगा, इसका निर्धारण डॉलर से होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि सामान के बिल ऑफ एंट्री में कीमत डॉलर में अंकित होती है।

जबसे डॉलर महंगा हुआ है, कारोबारियों को आयात शुल्क मद में भी ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ रहा है।

रुपये के कमजोर पड़ने का असर इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी पड़ा है। हालांकि सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की वजह से स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट टेलीविजन तक का निर्माण भारत में होने लगा है, लेकिन अभी भी इसके अधिकतर कल-पुर्जे विदेश से ही आ रहे हैं। टेलीविजन के पैनल की बात करें या प्रिंटेड सर्किट बोर्ड की, सब विदेश से ही आ रहे हैं।

पिछले दिनों कच्चा तेल के महंगा होने से कृत्रिम धागों से बने कपड़े की कीमत में 5-10 फीसदी का असर हुआ है। चूंकि इन चीजों पर बहुत कम मार्जिन पर काम होता है, इसलिए बढ़ी लागत पर कीमत बढ़ाना मजबूरी है।

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