जकार्ता, इंडोनेशिया: इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी प्रांत में शुक्रवार शाम 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। जिसके कारण दो शहरों पालु और दोंगाला में सुनामी आ गई। भूकंप और सुनामी से अब तक 380 मौतें होने की खबर है। इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी के मुताबिक, पालु में सुनामी का सबसे ज्यादा असर देखा गया। यहां तटीय इलाकों में स्थित इमारतों को नुकसान पहुंचा। भूकंप का केंद्र दोंगाला से 56 किमी दूरी पर जमीन से 10 किमी नीचे था।
पालु भूकंप के केंद्र से करीब 80 किलोमीटर दूर है। यहां की आबादी 3.5 लाख है। इंडोनेशियाई मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें समुद्री लहरों को तेजी से पालु में घुसते देखा जा सकता है। शुक्रवार सुबह भी इंडोनेशिया के कुछ इलाकों में 6.1 तीव्रता के भूकंप झटके महसूस किए गए थे। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी और 10 लोग घायल हुए थे। कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था।
Breaking: Tsunami hits Palu, Indonesia after massive 7.7 earthquake. Major damage is being reported. pic.twitter.com/nRvge2mKy2
— PM Breaking News (@PMBreakingNews) September 28, 2018
इंडोनेशिया की डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो ने पालु और दोंगाला में सुनामी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ऊंची लहरों की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा और कई परिवार भी लापता हैं। सुतोपो ने कहा कि सुलावेसी में कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। अंधेरे की वजह से राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
इसी साल जुलाई में इंडोनेशिया में एक हफ्ते के अंतराल में दो भूकंप के झटके आए थे। लोम्बोक में 7 और बाली में 6.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं वाला देश है। यह ‘रिंग ऑफ फायर’ पर मौजूद है। यहां धरती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में टकराने से भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद हिंद महासागर के तटीय इलाकों वाले देश सुनामी की चपेट में आ गए थे। तब भारत समेत 14 देश सुनामी से प्रभावित हुए थे। दुनियाभर में 2.20 लाख लोगों की जान गई। इनमें 1.68 लाख लोग इंडोनेशिया के थे।

