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राफेल पर मोदी सरकार क्यों डर रही है जेपीसी से ? / अनामी शरण बबल

सुप्रीम कोर्ट से राफेल डील पर मोदी सरकार को हरी झंडी मिलते ही सदन में जिस तरह बीजेपी  ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला किया है, और उसी अंदाज में  कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। आपसी आरोपों प्रत्यारोपों से राजनीति का तापमान लोकसभा चुनाव तक प्रचंड रहने वाला है। रणदीप सुरजेवाला ने पीएम को ललकारते हुए कहा कि मोदी जी अगर आप इतने ही उच्च मानक वाले ईमानदार है तो फिर जेपीसी की जांच से क्यों डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जेपीसी जांच होनी ही चाहिए तभी सारी परतें खुलेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना कैग की जांच हुए रिपोर्ट को पीएसी में कब रखा गया। संसद में विपक्ष के नेता और।  पीएसी समिति के अध्यक्ष मलिकार्जुन खडगे ने भी संवाददाता सम्मेलन में सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में ग़लत तथ्यों आंकड़ों को रखने का आरोप लगाया। उन्होंने इस तथ्य को झूठ का पुलिंदा कहा। जिसमें सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि राफेल सौदे के लिए कीमतों को लेकर संयुक्त संसदीय समिति से विमर्श किया गया है। सरकार के इस तथ्य को भी समिति के अध्यक्ष खडगे ने ग़लत करार कर दिया। उधर सुरजेवाला ने कहा कि राफेल की फाईल खोलनी पडेंगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह हर परत की जांच करने में सक्षम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने जो बात कही, वह कांग्रेस पहले ही जान चुकी है।     ——– सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील की परतें खोलने की ताकत नहीं है। जेपीसी में बीजेपी के लोगों का बहुमत होगा। रफाल की फाइलें जेपीसी के पास आएंगी और लूट और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने इस दौरान कहा कि चौकीदार चोर है। यानी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लग रहा था कि राफेल का मामला अब समाप्त हो जाएगा। मगर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लग रहा है कि इसमें और धार आने की संभावना है। जिसकी गूंज सुनाई पड़ती रहेगी।

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