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15वें वित्त आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बैठक की

15वें वित्त आयोग के अध्‍यक्ष श्री एन. के. सिंह और इसके सदस्‍यों तथा वरिष्‍ठ अधिकारियों ने आज उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों तथा राज्‍य सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

वित्त आयोग ने यह पाया:

आयोग को निम्‍न तथ्‍यों की जानकारी दी गई :

 

वित्‍त आयोग ने निम्‍नलिखित के बारे में चिंता प्रकट की:

आयोग के ध्‍यानार्थ लाए गए अन्‍य महत्‍वपूर्ण तथ्‍य:

मुख्‍य सामाजिक संकेतक- राष्‍ट्रीय औसत की तुलना में प्रतिकूल:

श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी पांचवें वार्षिक रोजगार-बेरोजगारी सर्वे 2015-16 के अनुसार उत्‍तर प्रदेश उन बड़े राज्‍यों में से एक हैं जहां बेरोजगारी दर देश की औसत 5 प्रतिशत की बेरोजगारी दर की तुलना में 7.4 प्रतिशत है।

युवाओं के लिए उत्‍पादन वाले रोजगार आर्थिक विकास के लिए बेहद जरुरी हैं। उत्‍तर प्रदेश ने वित्‍त आयोग को दिए अपने ज्ञापन में कहा है कि राज्‍य में युवा आबादी का प्रतिशत सबसे ज्‍यादा है जिसे न केवल शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मुहैया कराना जरूरी है बल्कि रोजगार के पर्याप्‍त अवसर भी दिए जाने हैं ताकि वे देश के सर्वांगीण विकास में योगदान कर सकें।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि रोजगार सृजन तथा कौशल विकास जैसे कार्यक्रम राज्‍य में प्रभावी तरीके से चलाए जाने चाहिए ताकि युवा बेहतर रोजगार के अवसर पाने में सक्षम हो सकें।

राज्य ने 1,02,138 करोड़ रुपये का विशिष्ट अनुदान किया है। इसमें विद्युत के लिए 30,000 करोड़ रुपये, बुंदेलखंड और विंध्यांचल क्षेत्र में पीने के पानी के लिए 10,000 करोड़ रुपये, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 3,000 करोड़ रुपये, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 3,900 करोड़ रुपये, सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 10,400 करोड़ रुपये, एसएसए शिक्षकों के वेतन के लिए 6,103 करोड़ रुपये, स्कूलों में बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 7,736 करोड़ रुपये, फॉरेंसिक साइंस लैब्स के लिए 357 करोड़ रुपये, नए जिलों में पुलिस लाइनों के लिए 1,750 करोड़ रुपये, नए जिलों में जेलों के लिए 1,050 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिए 2,500 करोड़ रुपये, वनों के  संरक्षण और पर्यावरण के लिए 1,422 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा के लिए 5,720 करोड़ रुपये, चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिए 13,846 करोड़ रुपये, प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 4,262 करोड़ रुपये, पुरातत्व कार्यों के संरक्षण के लिए 92 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4,35,090 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

इससे पहले आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के जे.पी.एस राठौर और वाई.पी. सिंह, सलमान खुर्शीद और अनूप पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, रवि प्रकाश वर्मा और उदयवीर सिंह समाजवादी पार्टी, के.के. शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद त्रिपाठी और उमाशंकर यादव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, सुरेंद्रनाथ त्रिवेदी और जावेद अहमद राष्ट्रीय दल, डॉ. गिरीश शर्मा और अरविंद राय स्वरूप सीपीआई तथा प्रेमनाथ राय (सीपीआईएम) सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। आयोग ने सभी दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों को नोट किया ताकि इनके समाधान की सिफारिश करते समय इन पर ध्यान दिया जा सके।

आयोग ने राज्य को सभी मुद्दों पर गौर करने और अपनी रिपोर्ट में संभावित सर्वोत्तम तरीके से समाधान करने का आश्वासन दिया।

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