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वाराणसी की शिवांगी सिंह बनी राफेल की पहली महिला पायलट!

वर्तमान समय में महिलाएं पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर देश की प्रगति में भागीदार बन रही हैं। उनका कार्यक्षेत्र कार्पोरेट सेक्टर हो या खेल, फिल्म हो या राजनीति, साहित्य हो या पत्रकारिता या फिर देश की सेवा के लिए भारत की सीमा पर हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है। भारतीय सेना भी नारी के सशक्त स्वरूप का गवाह बन रही है।
ऐसा ही एक और उदाहरण पेश कर रही है फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह। आपको बता दें कि शिवांगी सिंह दुनिया की सर्वोत्तम श्रेणी के युद्धक विमानों में एक राफेल की पहली महिला पायलट बनने जा रही हैं। राफेल जैसे ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल मिग-21 ‘बाइसन’ की जगह लेंगे, शिवांगी इस भूमिका में आ जाएंगी। पिछले साल दिसंबर में शिवांगी नाम की ही एक और महिला जो बिहार की मुजफ्फरपुर की रहने वाली है भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बनी थीं।

देश के सबसे ताकतवर फाइटर विमान राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में इकलौती और पहली महिला फ्लाईट लेफ्टिनेंट वाराणसी की शिवांगी सिंह शामिल हुई हैं। बिटिया की सफलता पर न केवल घरवालों, बल्कि पूरे शहर को नाज है। वाराणसी के फुलवरिया स्थित शिवांगी के घर पर पड़ोस के बच्चे जुटे और परिवार के साथ खुशियां मनाया।

आपको बता दें कि शिवांगी सिंह के पिता कुमारेश्वर सिंह टूर एंड ट्रैवेल का काम करते है। शिवांगी सिंह उनकी बड़ी बेटी है और साल 2017 में भी उन्होंने वायु सेना में फाइटर विमान उड़ाने वाली पांच महिला पायलटों में शामिल होकर इतिहास रचा था। अब तीसरे साल ही उन्होंने अपने जज्बे और मेहनत से एक और उपलब्धि हासिल की और राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में शामिल हुईं।

एक महीने के तकनीकी प्रशिक्षण में क्वलीफाई करने के बाद अब वह राफेल की टीम का हिस्सा बन गई हैं। पिता ने बताया कि एक दिन पहले ही बेटी से बात हुई तो जानकारी दी। बेटी पर हमे नाज है। वह अन्य बेटियों के लिए एक नजीर बनी है। घर पर मां सीमा सिंह, भाई मयंक, बड़े पिता राजेश्वर सिंह, चचेरे भाई शुभांशु, हिमांशु आदि फूले नहीं समा रहे थे।

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