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तब्लीगी जमात: अभिव्यक्ति की आजादी का हाल के दिनों में सबसे अधिक दुरुपयोग हुआ है: सुप्रीम कोर्ट

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8अक्टूबर।
सुप्रीम कोर्ट ने तब्लीगी जमात की छवि खराब करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान ठोस हलफनामा दाखिल न करने को लेकर केंद्र को फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का हाल के दिनों में सबसे अधिक दुरुपयोग हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक जूनियर अधिकारी के माध्यम से हलफनामा दाखिल करने के लिए केंद्र से नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस बोब्डे ने कहा कि आप इस अदालत के साथ इस तरह से व्यवहार नहीं कर सकते। जूनियर अधिकारी ने हलफनामा दायर किया है। ये गोलमोल है, हलफनामे में कुछ टीवी चैनलों पर याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जो नफरत फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नया हलफनामा दायर करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें अनावश्यक बकवास नहीं होनी चाहिए। दो सप्ताह बाद मामले की फिर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कहा था कि लोगों को कानून और व्यवस्था के मुद्दों को भड़काने न दें। ये ऐसी चीजें हैं जो बाद में कानून और व्यवस्था का मुद्दा बन जाती हैं।

गौरतलब है कि जमीयत-उलेमा-हिंद ने मरकज़ मामले की मीडिया कवरेज पर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकादायर की थी, याचिका में कहा गया है कि मीडिया गैरजिम्मेदारी से काम कर रहा है। मीडिया ऐसा दिखा रहा है जैसे मुसलमान कोरोना फैलाने की मुहिम चला रहे हैं। कोरट इसपर रोक लगाए। मीडिया और सोशल मीडिया में झूठी खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई का आदेश दे।

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