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हाथरस कांड के आरोपियों ने जेल से लिखी चिट्ठी- पीड़िता मेरी दोस्‍त थी, उसे मैने नही मारा

समग्र समाचार सेवा
हाथरस, 8अक्टूबर।

हाथरस गैंग रेप केस में एक के बाद एक चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। इस मामले जहां चार आरोपी पहले से गिरफ्तार है उन्होनें जेल से हाथरस के एसपी को एक चिट्ठी लिख खुद को निर्दोष बताया है। आरोपियों नें जो कुछ भी हुआ उसके लिए पीड़िता के परिवारवालों को जिम्‍मेदार ठहराया है। चिट्ठी में लिखा है कि पीड़िता मुख्‍य आरोपी संदीप की दोस्‍त थी। यह दोस्‍ती उसके घरवालों को पसंद नहीं थी। इसी गुस्‍से में परिवार के लोगों ने ही उसे मार दिया। आरोपियों ने पूरे मामले की जांच कराकर न्‍याय दिलाने की मांग की है।

चिट्ठी पर इस हाथरस गैंगरेप कांड के चारों आरोपियों लवकुश, रवि, रामकुरमार उर्फ रामू और संदीप उर्फ चंदू ने अपने अंगूठे भी लगाए हैं। आरोपियों ने लिखा है कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। उन्‍होंने एफआईआर में अलग-अलग दिन आरोपियों के नाम बढ़ाने और धाराएं जोड़ने का भी उल्‍लेख किया है।

चिट्ठी में मुख्‍य आरोपी संदीप की ओर से दावा किया गया है कि उसकी पीड़िता से अक्‍सर बातचीत होती थी। चिट्ठी में संदीप ने दावा किया कि ‘पीड़िता मेरे गांव की लड़की थी, जिससे मेरी दोस्ती थी। हम लोगों की मुलाकात के साथ कभी-कभी फोन पर बात भी होती थी। हमारी दोस्ती उसके घरवालों को पसंद नहीं थी। घटना के दिन मेरी उससे खेतों पर मुलाकात हुई उसके साथ उसकी मां और भाई थे। उसके कहने पर मैं तुरंत घर चला गया और वहां अपने पिता के साथ पशुओं को पानी पिलाने लगा।

गौरतलब है कि संदीप और पीड़िता के परिवार के फोन कॉल डिटेल्‍स में भी दोनों नंबरों के बीच 100 से अधिक बार बातचीत होने की बात सामने आई थी। हालांकि पीड़िता के भाई ने इसे झुठलाते हुए कहा था कि उसके परिवार और आरोपी के बीच कभी कोई बात नहीं हुई। इसके साथ ही उसने रिकार्डिंग सुनवाने की भी मांग की थी।

आरोपी संदीप की ओर से चिट्ठी में लिखा है कि, ‘मुझे कुछ देर बाद गांव वालों से पता चला कि मेरी, पीड़िता से दोस्ती थी इसलिए उसके भाई और मां ने उसे मारा-पीटा है। पिटाई के कारण उसे गंभीर चोटें आईं, बाद में वह मर गई। मैंने कभी भी पीड़िता तो मारा नहीं और न ही कोई गलत काम किया।’

बता दें कि सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने हाथरस गैंगरेप कांड की जांच कर रही स्‍पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को जांच के लिए और वक्‍त दे दिया है। एसआईटी अब 10 दिन बाद अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेगी।

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