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चित्रकूट में युवती से गैंगरेप! पुलिस ने नहीं दर्ज की रिपोर्ट तो पीड़िता ने की खुदकुशी

समग्र समाचार सेवा
चित्रकूट,14 अक्टूबर।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सामूहिक बलात्कार की पीड़ित एक दलित किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने कर ली। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं किया जिसके बाद युवती ने आत्महत्या कर ली। जबकि पुलिस ने बताया कि पांच दिन तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी गई थी, मंगलवार को लड़की के आत्महत्या करने के बाद मिली तहरीर पर सामूहिक बलात्कार व आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी आठ अक्टूबर को खेत गई थी, जहां आरोपियों ने सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर जंगल में ही फेंक दिया था। पीड़िता के पिता के अनुसार, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसके हाथ-पैर खोले थे और सामूहिक बलात्कार की घटना बताने के बाद भी किसी तरह का मुकदमा नहीं दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि सामूहिक बलात्कार का मुकदमा न दर्ज किए जाने से क्षुब्ध होकर लड़की ने आत्महत्या कर ली है।

वहीं चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल ने बताया कि लड़की की मौत के बाद उसके पिता ने आज दी अपनी तहरीर में अपनी बेटी के साथ आठ अक्टूबर को सामूहिक बलात्कार किये जाने का आरोप लगाया है।

इस सिलसिले में गांव के पूर्व प्रधान के बेटे किशन उपाध्याय और आशीष व सतीश को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ सामूहिक बलात्कार, आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम व पॉक्सो कानून में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई, लिहाजा ‘स्लाइड’ प्रयोगशाला भेजी जा रही है।

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