समग्र समाचार सेवा
प्रयागराज,5 नवम्बर।
अइले हो वशिष्ठ मुनी राज भवन में, पाँव पखारन जाई।
राजा दशरथ के चारों ललन के, नाव रखावल जाई।।

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र एवं लोक संस्कृति विकास संस्थान, प्रयागराज के तत्वाधान में 16 संस्कार का सात दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन नामकरण संस्कार प्रतिभागियों को सिखाया गया।
प्रशिक्षक एवं निर्देशक के रूप में लोक कलाविद, उत्तर प्रदेश संस्कृति अकादमी से पुरस्कृत उदय चन्द्र परदेशी को चुनकर यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागियों का प्रवेश लिया गया है।
आज तीसरे दिन नामकरण संस्कार में अइले हो वशिष्ठ मुनी राज भवन में, पाँव पखारन जाई।
राजा दशरथ के चारों ललन के, नाव रखावल जाई।। और अन्न प्रासन संस्कार में ‘मामा जी चटइहैं खीर ललना के गीत सिखाया।