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छठ पूजा के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल

नई दिल्ली। छठ पूजा का त्योहार कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है. छठ पूजा हर वर्ष का​र्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होती है. दिवाली के बाद हिंदूओं का छठ सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. इस बार छठ की पूजा नवंबर यानी शुक्रवार को है. उत्तर भारत और खासतौर से बिहार,यूपी,झारखंड में इस त्योहार का बेहद खास महत्व होता है. यूं तो हिंदू पंचांग में कई तरह के व्रत और त्योहार आते हैं लेकिन छठ पूजा के व्रत को कठिन उपवासों में से एक माना जाता है क्योंकि इस व्रत से जुड़े नियम बेहद कठिन होते हैं. छठ पूजा के दौरान कुछ बातों का बहुत ध्यान रखना होता है तभी पूजन को सफल माना जाता है. ऐसे में आज हम आपको वो बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको छठ पूजा के दौरान याद रखने की जरूरत है. इस दौरीन कुछ ऐसे काम होते हैं जो आपको गलती से भी नहीं करने चाहिए।

साफ-सफाई- छठ पूजा में साफ-सफाई का खास महत्व होता है. जिस जगह पर छठ पूजा का प्रसाद बनता है उसे साफ सुथरा रखना चाहिए. गंदे हाथों से छठ पूजा का प्रसाद न ही बनाना चाहिए और न ही छूना चाहिए. जिस जगह पर घर पर खाना बनाया जाता है वहां पर छठ पूजा का प्रसाद नहीं बनता है।
बच्चों को रखें दूर- छठ पूजा के दिन ध्यान रखें कि बच्चे पूजा के किसी भी सामान को बिना हाथ धोए नहीं छूएं और यदि वे ऐसा कर देते हैं तो फिर उस सामाग्री को उपयोग में न लें. बच्चे प्रसाद खाने की जिद करते हैं पर यह आपको ध्यान रखना होगा कि जब तक छठ का पर्व संपन्न नहीं हो जाता है तबतक बच्चे प्रसाद को जूठा न कर पाएं।

नकारात्मकता को करें दूर- छठ पूजा के दौरान अपशब्द और अभद्र भाषा नहीं बोलनी चाहिए. व्रत के चारों दिन लड़ाई नहीं करना चाहिए. यदि कोई लड़ाई कर रहा है तो उस जगह से दूर चले जाएं. अपने मन को शांत और अधिक से अधिक सकारात्मक ऊर्जा से भरकर रखना है।
मांस का सेवन ना करें- छठ पूजा के दिनों में जो व्यक्ति प्रसाद बनाता है या जो व्रत रखता है, उसे गलती से भी मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसे स्थान पर या ऐसे बर्तन में प्रसाद न पकाएं जिसमें मांसाहार बन चुका हो. घर के सदस्यों को भी इन चार दिन मांसाहार का सेवन न करने दें।

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