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जनसुनवाई के खिलाफ फूटा डाॅ. साय का गुस्सा कहा, किसी हाल में नहीं होने दूंगा, चाहे करना पड़े आंदोलन

The Chairman, National Commission for Schedule Tribes, Shri Nand Kumar Sai addressing at the inauguration of the National Seminar on “Conservation of Particularly Vulnerable Tribes of Andaman and Nicobar Islands : The Way Forward”, in New Delhi on June 27, 2018.

समग्र समााचार सेवा

रायगढ़,19नवंबर।

रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा में अजय इंगार्ड रोलिंग मिल सहित तीन उद्योगों 25 नवंबर को जनसुनवाई की तैयारी कर ली है। इस जनसुनवाई को बंजारी मंदिर प्रांगण के पास आयोजित करने की तैयारी है, वहीं कोरोना का हवाला देकर केवल 100 ग्रामीणों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब इसकी जानकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ नंदकुमार साय तक पहुंची है, जिस पर वे बुरी तरह भड़क गए हैं। उन्होंने इस जनसुनवाई को अवैध करार देते हुए कहा कि वे इसे किसी हाल में नहीं होने देंगे। उन्होंने उद्योगों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि इस तरह के अवैध कारनामों को अंजाम देने वालों को सबक सिखाना बेहतर जानते हैं।

रायगढ़ जिले में बढ़ते प्रदूषण और सड़कों की बदहाली के साथ खनन कार्य से आदिवासियों एवं ग्रामीणों के बिगड़ती दशा पर वरिष्ठ भाजपा नेता नंद कुमार साय ने चिंता व्यक्त की है। इस मामले को लेकर उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह से पिछले दिनों बात की और उक्त जनसुनवाई को किसी भी हाल में निरस्त करने कहा है। डाॅ0 साय ने कहां है कि चाहे कोई भी कंपनी हो, नियम विरुद्ध जनसुनवाई का फर्जीवाड़ा करके अब रायगढ़ में किसी भी प्रकार की नकारात्मक औद्योगिक गतिविधि को बिल्कुल भी पनपने नहीं दिया जाएगा।

तो फिर आंदोलन किया जाएगा

इस जनसुनवाई के खिलाफ डाॅ. नंदकुमार साय किस कदर नाराज हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने क्षेत्र के सरपंचों को एकत्र करने की बात भी पिछले दिनों कहा था। डाॅ. साय ने कहा कि गांव और जंगल ग्रामीणों के हक और अधिकार का है, उनकी जिंदगी को दांव पर लगाकर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी सरकार और कंपनियां ग्रामीणों के हक को मारने का प्रयास करेंगी, तो आंदोलन का रास्ता भी अख्तियार करने में उन्हें किसी तरह का परहेज नहीं है।

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