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लुधियाना की वुलन होजरी इंडस्ट्री को 5 हजार करोड़ रुपये का नुकसान

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,21नवंबर।
लुधियाना वुलन होजरी इंडस्ट्री कोरोनाकाल और किसान आंदोलन की वजह से इस बार बुरी तरह प्रभावित हुई है। लॉकडाउन के चलते वुलन होजरी इंडस्ट्री में काम पूरी तरह ठप हो गया, जिससे इस बार यहां प्रोडक्शन 40 से 50 फीसदी कम हुआ है। वहीं वुलन होजरी इडस्ट्री में जो गर्म कपड़े बने भी है तो वो किसान अंदोलन की वजह से बाहर सप्लाई के लिए नहीं जा पा रहे। ऐसे में लुधियाना वुलन होजरी इडस्ट्री को इस सीजन में करीब 5 हजार करोड़ रुपये का तकड़ा नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि यह कम्पनी सालाना 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करती थी।

निटवियर एंड अपैरल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना के प्रेसिडेंट सुदर्शन जैन का कहना है कि पहले लॉकडाउन के कारण फैक्ट्रियों में काम बंद रहा, उन्हीं महीनों में प्रोडक्शन आमतौर पर होता है। फिर जब लॉकडाउन खुला तो लेबर नहीं थे, क्योंकि वे अपने-अपने गांव-घर लौट चुके थे। निटवियर क्लब, लुधियाना के चेयरमैन विनोद थापर का कहना है किसान आंदोलन के चलते व्यापारी अपना माल पंजाब के बाहर नहीं भेज पा रहे। जिसकी बड़ी वजह किसान आंदोलन है क्योंकि आंदोलकारियों ने रेलवे ट्रैक और हाईवे पर कब्जा कर रखा है। जिससे तैयार किया गया माल सप्लाई नहीं हो रहा।

बता दें कि पंजाब में किसानों के आंदोलन के कारण रेलवे को 22 सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है जिसमें रेलवे संपत्ति को हुई क्षति शामिल नहीं है। रेल मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि पंजाब के आंदोलन के कारण रेलवे को 2220 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। यह आंकड़ा गुरुवार तक की स्थिति के आकलन के आधार पर सामने आया है।

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