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छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस की 27 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 नवंबर।
छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अधिकारी बाबूलाल अग्रवाल की 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुर्क की है। ईडी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

ईडी कथित भ्रष्टाचार और आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति से जुड़े धनशोधन के मामले के सिलसिले में अग्रवाल, उनके परिवार के सदस्यों एवं अन्य की जांच कर रही है। उसने एक बयान में कहा, कुर्क संपत्तियों में संयंत्र एवं मशीनरी, बाबूलाल अग्रवाल एवं उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा रकम और अचल संपत्तियां शामिल हैं। उसने बताया, कुर्क की गई संपत्तियां 27.86 करोड़ रुपये मूल्य की हैं।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी अग्रवाल को ईडी ने नौ नवम्बर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उनके निवास से गिरफ्तार किया गया था। वह पांच दिसम्बर तक न्यायिक हिरासत में हैं। अग्रवाल छत्तीसगढ़ सरकार में प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं। उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई भी गिरफ्तार कर चुकी है।

अग्रवाल को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। आरोप है कि अग्रवाल जब राज्य सरकार में स्वास्थ्य सचिव थे, तब वह अपने विरुद्ध चल रही सीबीआई जांच रफा-दफा कराना चाहते थे, जो 2010 में दर्ज की गई थी। जब ईडी ने इस महीने के प्रारंभ में उन्हें गिरफ्तार किया तब उसने कहा था कि अपराध से कमाई गई रकम का मुखौटा कंपनियों के जरिए धनशोधन करने और उसे अपने परिवार के कारोबार में लगाने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

ईडी ने कहा था कि अग्रवाल, उनके चार्टर्ड एकाउंटेंट सुनील अग्रवाल और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और सीबीआई की 2010 की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद दर्ज किया गया। जिन संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क किया गया है उनमें 26.16 करोड़ रुपये के संयंत्र और मशीनरी, 291 बैंक खातों में जमा 20.43 लाख रुपये की धनराशि, एक कंपनी के नाम पर 39.52 लाख रुपये के आवासीय भूखंड, एक्सप्रेस माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, जिसके मालिक बाबूलाल अग्रवाल का परिवार है, और 15 लाख रुपये नकद हैं।

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