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माननीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने लॉन्च किया ‘ग्रीन चारकोल हैकेथॉन‘

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 02 दिसम्बर।
एनटीपीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडरी एनवीवीएन (एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम) ने आज ग्रीन चारकोल हैकेथॉन को लॉन्च किया। इस अवसर पर माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता) श्री आर. के. सिंह ने देश में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और तकनीकी उपायों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित वातावरण बनाने का आग्रह किया।
माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता) श्री आर. के. सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में आगे कहा, ‘‘हैकेथॉन दरअसल नवाचार की उस भावना को प्रदर्शित करता है, जो एनटीपीसी में गहराई तक समाई हुई है। किसी भी संगठन के पास विकसित होने और संपन्न होने के लिए नवाचार की भावना का होना आवश्यक है, अन्यथा वह अपना अस्तित्व कायम नहीं रख पाएगा। मुझे यकीन है कि एनटीपीसी प्रबंधन ने सभी युवा इंजीनियरों को यकीन दिलाया है कि नवाचार और नए विचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा।‘‘
उन्होंने कहा, ‘‘हैकेथॉन हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की खोज में भी एक नया प्रयोग है। इस दृष्टिकोण से हैकेथॉन में शामिल सभी प्रतियोगियों को ध्यान में रखना चाहिए कि कृषि अवशेष को चारकोल में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में उत्सर्जन नहीं होना चाहिए। एक और मुख्य बात इसके कॉमर्शियल मॉडल की है, जो मशीन और चारकोल उत्पादन दोनों की लागत पर निर्भर करेगा। मुझे यकीन है कि हम एक ऐसी मशीन लेकर आएंगे, जो किफायती हो। कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में एनटीपीसी के प्रयासों को देखकर मैं वाकई खुश हूं।‘‘
तकनीकी विकास को गति देने के लिए एनवीवीएन ने ईईएसएल के साथ मिल कर ग्रीन चारकोल हैकेथॉन नाम से टेक्नोलॉजी चैलेंज का आयोजन किया है। इस आयोजन का उद्देश्य नवाचारी भारतीय मस्तिष्क का उपयोग कर तकनीकी खाई को खत्म करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य खेतों की पराली को खत्म कर हवा को साफ करना, खेती के बचे हुए चारे से नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करना, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है।
हैकेथॉन का उद्घाटन माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता), भारत सरकार श्री आर. के. सिंह ने किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री आशीष उपाध्याय, एनटीपीसी लिमिटेड के सीएमडी श्री गुरदीप सिंह और ऊर्जा मंत्रालय, एनटीपीसी लिमिटेड तथा ईईएसएएल लिमिटेड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
स्थानीय किसानों द्वारा कृषि अवशेष को जलाने से होने वाला वायु प्रदूषण देश के लिए चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में एनवीवीएन ऐसी तकनीकें तलाश रहा है, जो कृषि कचरे को इस रूप में बदल सके जो पावर प्लांट्स में काम आ सके। यह तकनीकें ग्रीन चारकोल हैकेथॉन के जरिए तलाशी जा रही हैं। इसका एक विकल्प टोरेफेक्शन है जो कृषि कचरे को ग्रीन चारकोल में बदल देता है।
कृषि अवशेष के बायोमास से टोरिफाइड ईंधन बनाने की तकनीक छोटे उद्यमियों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि निर्माणकर्ता कम है और आयातित मशीनों की लागत बहुत ज्यादा है।
प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए तीन श्रेणियों में 24 लाख रुपए तक के नकद पुरस्कार भी रखे गए थे। ये तीन श्रेणियां इस प्रकार हैं-
श्रेणी 1- 100 किलोग्राम टोरिफाइड बायोमास पेलेट्स प्रतिदिन उत्पादित करने की तकनीक
श्रेणी 2- 1000 किलोग्राम टोरिफाइड बायोमास पेलेट्स प्रतिदिन उत्पादित करने की तकनीक
श्रेणी 3- 10 टन टोरिफाइड बायोमास पेलेट्स प्रतिदिन उत्पादित करने की तकनीक

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