समग्र समाचार सेवा
रायपूर, 17 दिसंबर।
रेडक्रॉस सोसायटी निःस्वार्थ मानव सेवा का सर्वोत्तम प्लेटफॉर्म है। कोविड-19 के समय रेडक्रॉस सोसायटी के वालेंटियरों ने जोखिम भरी परिस्थितियों में जिस समर्पण भाव से काम किया वह काबिले तारिफ है। रेडक्रॉस सोसायटी मानव सेवा को अपना मूलमंत्र मानकर कार्य करता है। रेडक्रॉस का नाम लेते ही सबसे पहले मन में दीनदुखियों और पीड़ितों की सेवा करने वाली तस्वीर उभर कर आ जाती है। रेडक्रॉस सोसायटी ने पूरे विश्व में प्राकृतिक आपदाओं तथा युद्ध इत्यादि के समय सेवा कर मानवीय सेवा भावना का अतुलनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह बात इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ के राज्यपाल सम्मान समारोह के दौरान अपने संबोधन में कही। राज्यपाल ने कोविड-19 के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार जगदलपुर जिला को, द्वितीय पुरस्कार धमतरी और राजनांदगांव जिला तथा तृतीय पुररस्कार बालोद और सूरजपूर जिला को दिया गया।

सुश्री उइके ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मानव सेवा को सबसे प्रथम स्थान दिया गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सेवा कार्य के लिए सदैव तत्पर रहने कहते थे और उन्होंने स्वयं एक वालेंटियर के रूप में घायलों की सेवा की। हमारे देश में कई सेवा आश्रम कार्यरत हैं, जैसे रामकृष्ण मिशन, जिनकी सेवा कार्य से आदिवासी अंचल में कई लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उसी तरह जांजगीर-चांपा जिले में भारतीय कुष्ठ निवारण संघ के सोठी कुष्ठ आश्रम में जो सेवा भाव से काम किए जा रहे हैं, वह प्रेरणादायी है।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ के चेयरमेन श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन का दायित्व मिलने के बाद अल्प समय में अधिक से अधिक कार्यों को मूर्त रूप देने का प्रयास किया गया। हमारे वालेंटियरों ने कोविड-19 के समय आगे बढ़कर हर मोर्चे पर कार्य किया चाहे वह मास्क-सेनेटाइजर का वितरण कार्य हो, या सामाजिक दूरी के लिए गोल निशान बनाना हो या भोजन वितरण करना हो। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार करीब 1200 वालेंटियरों ने जिला प्रशासनों के साथ समन्वय बनाकर सक्रिय योगदान दिया। यह ऐसी संस्था है जहां के वालेंटियर बिना किसी अपेक्षा तथा निःस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं। यह पुरस्कार उनके सेवा भाव का सम्मान है। श्री बोरा ने कहा कि जल्द ही विकासखण्ड स्तर पर इकाई का गठन किया जाएगा और इस स्तर पर भी जेनेरिक दवा दुकानों को प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।