समग्र समाचार सेवा
इंदौर,16जनवरी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और खनिज विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद मालू ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि व्हाट्सअप की नई पॉलिसी पर सरकार सख्त रवैया अपनाए। नई पॉलिसी से यूजर्स की निजता भंग होगी और व्यक्तिगत जानकारियां देश से बाहर जाएंगी! क्योंकि, व्हाट्सअप का कोई सर्वर देश में नहीं है। इसलिए व्हाट्सअप की नई पॉलिसी पर केंद्र सरकार रोक लगाए।

अगर कोई फोटो या वीडियो फॉरवर्ड किया जाता है, तो वे व्हाट्सअप के सर्वर पर अधिक समय तक स्टोर रहेंगे। व्हाट्सअप का कहना कि वह यह सब आपको फॉरवर्ड करने में मदद करने के लिए कर रहा है। जबकि, वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि उसके पास जानकारी होगी कि कौनसा फोटो बहुत फॉरवर्ड हो रहा है। उसका तर्क है कि वह फेक न्यूज को ट्रैक करने के लिए ऐसा कर रहा है! पर, वास्तव में बात इतनी आसान भी नहीं है। दरअसल, व्हाट्सअपअब बिजनेस अकाउंट पर भी नजर रखेगा। इनसे शेयर होने वाले सारे कैटलॉग का एक्सेस उसके पास सुरक्षित रहेगा, जो निजता का सीधा उल्लंघन है।
गोविंद मालू का कहना है कि यह नीति आर्टिफिशियल इंटलीजेंस को सपोर्ट करने के लिए लाई जा रही है। व्हाट्सअप की पुरानी प्राइवेसी पॉलिसी में यूजर्स के पास आजादी थी, कि वह अपने व्हाट्सअप अकाउंट की जानकारी को फ़ेसबुक के साथ साझा होने से रोक सकते थे। लेकिन, नई पॉलिसी में इस बात की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई! व्हाट्सअप ने नई पॉलिसी में यह भी कहा है कि वह यूजर्स के हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का डेटा लेगा। यह सुविधा व्हाट्सअप ने हाल शुरू की है। बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान सबकुछ ट्रैक होगा। फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को जान सकेंगे। व्हाट्सअपकुछ ही महीनों में खुद की ‘पेमेंट सर्विस’ शुरू कर रहा है।
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