Site icon Samagra Bharat News website

रिहाना और राहुल की समानता

President Rahul Gandhi has said that farmers will not back down. The government will have to retreat. His two sentences indicate that the

अजय सेतिया।
आंदोलनकारी किसान अब थकने शुरू हो गए हैं | हाईवे और इंटरनेट बंद होने से जनता परेशान है , तो 26 जनवरी के बाद यूपी, हरियाणा सरकारों की सख्ती से किसानों का हगना मूतना भी मुश्किल हो गया है | उन्हें खुले में शौच करना पद रहा है | बुधवार को जींद में हुई किसान महापंचायत में पारित पांच सूत्रीय प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील की गई है कि वे खुद किसानों से बात करें | इस महापंचायत में राकेश टिकैत भी शामिल थे | राकेश टिकैत ने दो दिन पहले ही कहा है कि वह प्रधानमंत्री को झुकाना नहीं चाहते , न ही किसानों को झुका हुआ देखना चाहते हैं , कोई बीच का रास्ता निकलना चाहिए | बातचीत का दरवाजा खोलते हुए महापंचायत ने थकने के संकेत तो दिए हैं , झुकने के संकेत नहीं दिए , बाकी चार मांगें जस की तस हैं | तीनों कानूनों की वापसी , एमएसपी पर क़ानून , स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट और किसानों पर दायर केस वापस | खैर 26 जनवरी को गिरफ्तार किसानों की रिहाई बुधवार को शुरू हो गई |

लेकिन टिकैत के बीच बचाव वाले बयान से भयभीत कांग्रेस के पूर्व और भावी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि किसान पीछे नहीं हटेंगे | सरकार को ही पीछे हटना पड़ेगा | उन के ये दो वाक्य इशारा करते हैं कि किसानों के आन्दोलन की नकेल कांग्रेस के हाथ में है | अपन ने आन्दोलन के शुरू में ही खुलासा किया था किसानों का दिल्ली कूच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह के निर्देशन में हुआ है | तब अपन ने यह भी साफ़ लिखा था कि कांग्रेस खालिस्तान जैसा आन्दोलन फिर शुरू करवा रही है | 1979 में कांग्रेस ने ही अकाली दल को मात देने के लिए भिंडरावाले को खड़ा किया था और अब वह मोदी को मात देने के लिए नए भिंडरावाले की तलाश में है | इस बीच लाल किले पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले दीप संधू ने अपने एक वीडियो में कहा है कि जब वह किसान आन्दोलन से जुड़े थे तो कांग्रेस के एक बड़े नेता ने उन्हें फोन कर के बधाई दी थी | दीप संधू के बयान से लगता है कि कांग्रेस उस में भिंडरावाले होने की सम्भावना देख रही थी |

राहुल गांधी के बचकाने बयानों पर कई बार उन के राष्ट्रीय स्तर का नेता बनने की क्षमता और सम्भावनाओं पर संदेह पैदा होता है | आप पढिए कि 26 जनवरी की शर्मनाक घटना के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से बार्डरों को पुख्ता ढंग से सील किए जाने पर उन्होंने बुधवार को क्या कहा | उन्होंने कहा-“ सरकार किलाबंदी क्यों कर रही है ? क्या सरकार किसानों से डरती है ? किसान पीछे नहीं हटेंगे, सरकार को ही पीछे हटना पड़ेगा |” मोदी सरकार जैसे 2014 में भूमि अधिगृहण अध्यादेश से पीछे हटी थी , राहुल गांधी को उम्मींद रही होगी कि मोदी सरकार किसानों का आन्दोलन देख कर डर जाएगी और तीनों क़ानून वापस ले लेगी | पर यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल , राजस्थान की जनता की बेहद परेशानी के बावजूद मोदी सरकार ने क़ानून वापस नहीं लिए और झुकती दिखती भी नहीं | तो राहुल गांधी पूछ रहे हैं कि मोदी सरकार किसानों से अब तक डरी क्यों नहीं |

वैसे देश राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं मानता , लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता उन्हें राष्ट्रीय नेता मानते हैं | इस लिए उन के हर बयान पर भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया जरुर आती है | संबित पात्रा के वह प्रिय नेता बने हुए हैं | बुधवार को संबित पात्रा ने हॉलीवुड की पॉप सिंगर रिहाना और माडल ग्रेटा के किसान आन्दोलन संबंधी ट्विट को भी राहुल गांधी से जोड़ दिया | संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी बार बार विदेश जा कर विदेशियों से मिलते हैं और उन्हें मोदी सरकार के खिलाफ बयानबाजी के लिए उकसाते हैं | असल में हालीवुड पाप गायिका रिहाना ने मंगलवार रात 8.59 पर ट्रेक्टर रैली की एक तस्वीर लगाते हुए एक ट्विट में लिखा _” हम इस के बारे में बात क्यों नहीं करते |” संबित पात्रा ने जब यह कहा कि न राहुल गांधी को फसलों के बार में कुछ पता है , न रिहाना को , तो अपन को हुकुमदेव नारायण यादव की याद आ गई , उन्होंने लोकसभा में कहा था कि इन्हें यह भी नहीं पता कि भैंस आगे से दूध देती है या पीछे से | ग्रेटा ने तो भारत के उद्धोगपतियों के खिलाफ अभियान का ट्विट लिखा, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। रिहाना के ट्विट पर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने तो कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है , बालीवुड ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है | इस प्रतिक्रिया को देख कर राहुल गांधी ने किनारा करते हुए कहा-“ रिहाना के ट्विट पर मेरा कोई ओपीनियन नहीं है, ये हमारा अंदरूनी मामला है |” लेकिन जैसा कि हमेशा होता है , वामपंथी किस्म के बुद्धिजीवी रिहाना के पक्ष में खड़े हो गए है और राष्ट्रवादी फ़िल्मी कलाकारों ने रिहाना की आलोचना की है | अक्षय कुमार , अजय देवगन , सुनील शेट्टी, कंगना रानौत सहित कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी सरकार के पक्ष में खड़े नजर आए | उन्‍होंने #IndiaAgainstPropaganda और #IndiaTogether के हैशटेग के साथ ट्वीट किए |

Exit mobile version