Site icon Samagra Bharat News website

बसंत पंचमी 2021: जाने बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को क्या चढ़ाना चाहिए

This year, the festival of Basant Panchami will be celebrated on 16 February. Vasant Panchami is very important in Hinduism. Goddess Saraswati is worshiped on this day wearing yellow clothes. Basant Panchami is celebrated every year on the fifth day of Magh Shukla Paksha.

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9फरवरी।

इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 16 फरवरी को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का काफी महत्व होता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनकर देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी हर साल माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है।

बसंत पंचमी के दिन सुबह के समय स्नान करने के बाद पूजा स्थल पर, मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गणेश जी और नवग्रह की पूजा करें। फिर मां सरस्वती की पूजा करें। सबसे पहले उनका गंगा जल से स्नान कराएं, फिर उन्हें सफेद और पीले फूल तथा माला अर्पित करें। मां सरस्वती सफेद वस्त्र पहनती हैं, इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र अर्पित करें या पहनाएं। माता को पीले रंग के फल चढ़ाएं और उनके चरणों में गुलाल अर्पित करें। इसके साथ ही उन्हें सिंदूर और श्रृंगार की वस्तुएं भी चढ़ाएं। फिर धूप और दीप से उन्हें सुशोभित करें।

सरस्वती वंदना जरूर पढ़ें-

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥

पूजा के बाद हवन भी करना चाहिए-

पूजा करने के बाद हवन भी करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले गणेश जी और नवग्रह के नाम से हवन करें। इसके बाद ‘ओम श्री सरस्वत्यै नम: स्वहा’ मंत्र से 108 बार माता सरस्वती के लिए हवन करें। फिर सरस्वती माता की आरती करें और उन्हें अपनी मनोकामना बताएं।

Exit mobile version