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सहारनपुर में प्रियंका वाड्रा नें पीएम मोदी पर कसा तंज, बोली- खरबपतियों के लिए धड़कता है 56 इंच का सीना

Today, Congress General Secretary Priyanka Vadra is coming to the Kisan Mahapanchayat. Which Congress is excited about. panchayat.

समग्र समाचार सेवा
सहारनपुर, 10फरवरी।
किसान महापंचायत में आज कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा आ रही हैं। जिसे लेकर कांग्रेस में जोश है। यहां दो कांग्रेस विधायक भी हैं, इस वजह से भी कांग्रेस ने पंचायत की तैयारियों में पूरा जोर लगा दिया है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा माता शाकंमभरी देवी स्‍थल पूजा-अर्चना के बाद रायपुर खानकाह पहुंची। यहां पर उन्‍हें उपहार भेंट किया गया। इसके एक घंटे के बाद सहारनपुर के चिलकाना में हो रही महापंचायत में पहुंच गई। उन्‍होंने किसानों का अभिवादन हाथ हिलाकर किया। मौके पर किसानों की भारी भीड़ जुटी रही।
प्रियंका ने कहा कि माता का आशीर्वाद लेकर आई हूं। माता की कथा क्या है आपको पता होगा। अकाल पड़ा था। बारिश नहीं आई। तब माता अपनी 100 आंखों से आंसू बहाए। तब किसानों को पानी मिला, राहत मिली, आज जो 3 कानून हैं वो राक्षस रूपी हैं। पहला कानून जमाखोरी के दरवाजे खोलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जमा खोरी बन्द कराई थी। यह नया कानून खरबपतियों को मदद करेगा। आपकी फसल कैसे खरीदी जाए खरबपति तय करेंगे। सरकारी मंडी डम्प हो जाएंगी। जमाखोर प्राइवेट मंडी में सामान डम्प करेंगे। जब चाहेंगे माल निकालेंगे।

प्रियंका ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग में धोखा मिलेगा। कम्पनी मनमाना दाम तय करेगी। सरकारी मंडी बन्द होगी। Msp बंद होगी, जमाखोरी बढ़ेगी। किसान की आवाज दबेगी। अरबपतियों की आवाज ही रहेगी। पीएम मोदी ने कहा था कि सत्ता में आते ही 15 हजार करोड़ का गन्ना भुगतान ब्याज समेत होगा। अब तक बकाया भुगतान नहीं हुआ। 2 हवाई जहाज 16 हजार करोड़ में खरीदे गए। पीएम मोदी की जुबान पक्की नहीं है। दिल्ली में संसद भवन के सौन्दर्यीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रखे। लेकिन किसानों को कोई भुगतान नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि आपने बहुत देख लिया मोदी का 56 इंच का सीना जो खरबपतियों के लिए धड़कता है। इस देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला किसान है। किसान का बेटा सीमा पर शहीद होता है। किसान का बेटा पीएम की सुरक्षा करता है। पीएम किसान को नहीं पहचान रहे। रोज किसान को अपमानित कर रहे।

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