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आज के ही दिन शहीद हो गए थे 40 जांबाज, देश के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सपूतो को श्रद्धांजलि

Today is the second anniversary of the Pulwama terror attack. On this day the whole country is remembering the sacrifice of those brave soldiers,

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 फरवरी।
देश के इतिहास में आज का दिन बडा ही दुखदाई है। आज के ही दिन देश के 40 सपूतो पर कायरों ने आत्मघाती हमला किया था। पुलवामा आतंकी हमले की आज दूसरी बरसी है। आज के दिन पूरा देश अपने उन जांबाज जवानों के बलिदान को याद कर रहा है, जिन्होंने इस आतंकी हमले मे अपनी जान गंवा दी थी। पुलवामा आतंकी हमले के दो साल बाद आज भी देश को वो दिन याद है, जब एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षाबलों को ले जा रही एक बस में आईईडी लदी गाड़ी से टक्कर मारी थी और इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस नृशंस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी।

सीआरपीएफ के काफिले पर हमला 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुआ था जिसमें 22 वर्षीय एक आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने विस्फोटक से भरे वाहन को बस में घुसा दिया था. सीआरपीएफ के काफिले में 78 बसें थीं जिनमें लगभग 2500 सैनिक जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे. हालांकि, देश के पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में देश की सशस्‍त्र सेनाओं ने सीमापार से हुए इस हमले का मुहंतोड़ जवाब दिया लेकिन उन जवानों की शहादत की टीस आज भी बरकरार है।
पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर एयरस्ट्राइक हमला किया. इस आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया था. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकी हमले के मद्देनजर भारत को अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया था।
इस आतंकी हमले में शहीद सभी 40 जवानों के नाम वाले स्मारक का उद्घाटन 14 फरवरी, 2020 को पुलवामा के लेथपोरा शिविर में सीआरपीएफ के प्रशिक्षण केंद्र में किया गया था. स्मारक को पुलवामा हमले में शहीद सभी 40 सैनिकों के नाम और उनकी तस्वीरों और सीआरपीएफ के आदर्श वाक्य- “सेवा और निष्ठा” (सेवा और वफादारी) के साथ अंकित किया गया है।

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