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आजादी के 72 साल बाद भी विकास से कोसो दूर है जनपद हरदोई का यह गांव

72 years after independence, this village of Hardoi district is far away from development

समग्र समाचार सेवा
हरदोई, 15फरवरी।

विकासखंड अहिरोरी के ग्राम पंचायत डही अंतर्गत ग्राम सलेमपुर की दल दल रूपी 900 मीटर डगर का विकास से कोई वास्ता ही नहीं है। देश की आजादी के 72 वर्ष हो चुके है लेकिन अभी तक प्रदेश से लेकर केन्द्र सरकार तक विकास का तैयार रोड मैप दिखाकर वोट मांग रही है लेकिन अभी भी जनपद में कई ऐसे गांव हैं, जो मुख्य सड़क से जुड़ नहीं पाये हैं गड्ढों में तब्दील कच्ची सड़क से ग्रामीणों को दो-चार होना पड़ता है।

हम बात कर रहे है जिला हरदोई अंतर्गत ग्राम पंचायत डही का मजरा ग्राम सलेमपुर की, जहां के ग्रामीणों को अभी तक सीधे पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है।

ग्रामवासियों ने दुखी मन से बताया कि इस गांव में पक्की सड़क न होने की वजह से कोई आदमी यहां अपने लड़के लड़कियों की शादी नहीं करना चाहता। इसके साथ साथ गांव की मुख्य समस्या भड़ायल ड्रेन नहर है जो गांव के बाहर से निकली है आजादी के इतने बरस बाद भी बारामासी भड़ायल ड्रेन नाम से मशहूर नहर के ऊपर कोई भी पुल या पुलिया का निर्माण नहीं हो सका। जबकि इस ड्रेन में गांव का एक व्यक्ति और कई बेजुबान जानवर डूब कर मर चुके हैं। चुनाव कोई भी हो हर प्रत्याशी मुद्दा यही उठता है हर गांव इस उम्मीद से मतदान करता है कि अब शायद हमारे गांव का विकाश हो जाए लेकिन बाद में गांव वालो के हाथ सिर्फ निराशा ही आती है।

सड़क के अभाव में गांव में विकास की किरण आज तक नहीं पहुंच सकी है ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव को बसे सैकड़ो दशक बीत चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है ऐसे में यातायात की सुविधा दूर की कौड़ी है देश आजाद होने के बाद गुलामी जैसा जीवन व्यतीत करना इस गांव वालो की नियति बन चुकी है गांव के व्यक्ति बताते है आजादी के क्या मायने होते है पता नहीं सुविधाओं के आभाव में गांव के कई परिवार पलायन कर चुके है सड़क के आभाव में यातायात नहीं है इसीलिए शाम होने से पहले गांव पहुंचना मजबूरी बन चुका है चुनाव के समय ग्राम प्रधान पद प्रत्याशी से लेकर बड़े बड़े नेता बहुत वादे करते है लेकिन चुनाव के बाद सब भूल जाते है वहीं अन्य लोगों ने बताया गांव में सिर्फ प्राथमिक जूनियर विद्यालय है।

जो परिवार यहां से पलायन कर चुके हैं उनके खंडहरनुमा आवास इसकी निशानी है वहीं पिछले कई महीनों से भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक ने इस मुद्दे को लेकर खण्ड विकास अधिकारी अहिरोरी से लेकर जनपद के सभी आला अधिकारियों को ज्ञापन देते हुए बराबर सम्पर्क भी साधा वहीं नयागांव बाजार में इसी मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरना भी दिया था लेकिन आला अधिकारियों ने तो जैसे कसम ही खा ली है कि इसे हमेशा की तरह ठंडे बस्ते में डालने की। इस विषय पर भाकियू युवा, जिला अध्यक्ष पुनीत मिश्रा ने बताया कि अगर अब जिम्मेदारों द्वारा इस मुद्दे पर उचित कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू इससे बड़े अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल धरने और संगठन के ग्यारह पदाधिकारियों को उक्त नहर पर ही आत्म दाह करने पर विवश होगा पड़ेगा।

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