समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 फरवरी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि लोकतंत्र में कोई भी सरकार कभी ये हिमाकत नहीं कर सकती कि वो कोई ऐसा कानून बनाए, जो किसानों को नुकसान करने वाला हो। भारत सरकार ने कृषि सुधार कानून बनाए, जिनके माध्यम से किसान चाहे तो मंडी के बाहर भी, कहीं भी, किसी को भी मनचाही कीमत पर अपनी फसल बेच सकता है। श्री तोमर ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों को मंडी के बाहर उपज की खरीद-बिक्री पर किसी भी तरह के टैक्स से माफी दी, बिना टैक्स के कहीं भी उपज बेचने की अनुमति दी और कानूनी बंदिशों से आजादी दी तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि जो राज्य सरकारें टैक्स लगा रही है, उनके खिलाफ तो नहीं बोल रहे है, आंदोलनकारी भाई भी उन लोगों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, जिन्होंने (भारत सरकार ने) किसानों की फसल पर टैक्स माफ कर दिया।

आत्मनिर्भर किसान की थीम पर आयोजित इस मेले के मुख्य अतिथि श्री तोमर ने किसानों से, मोदी जी की सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र की मजबूती और प्रगति के लिए संचालित अनेक योजनाओं व कार्यक्रमों का पूरा लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि देश का किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा, खेती समृद्ध होगी तो भारत समृद्ध होगा, तभी आने वाले कल में भारत दुनिया के श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सिरमौर बने, इसमें सबसे अधिक भूमिका कोई निर्वाह कर सकता है तो वह मेरे देश का अन्नदाता किसान है। श्री तोमर ने आव्हान किया कि सरकार की योजनाओं के साथ ही नए-नए कृषि अऩुसंधान का लाभ लीजिए, खेती को आत्मनिर्भर बनाइए, अपने देश को भी आत्मनिर्भर बनाइए।
विशेष अतिथि कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि हमारे किसान व वैज्ञानिक प्रगति कर रहे हैं, सरकार भी कृषि क्षेत्र की तरक्की के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि का बजट भी काफी बढ़ा दिया गया है। डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने भी संबोधित किया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि तीन दिनी मेले के मुख्य आकर्षण है- फल-फूल सब्जी एवं रबी फसलों की उन्नत प्रजातियों एवं उनकी उत्पादन प्रोदौगिकियों का जीवंत प्रदर्शन, उन्नत कृषि यंत्रों, बीजों एवं पौधों की प्रदर्शनी एवं बिक्री, किसान गोष्ठी, कृषि साहित्य का निःशुल्क वितरण, किसान सलाह, मृदा एवं जल का परीक्षण, किसानों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच सेवा।
प्रारंभ में श्री तोमर व अन्य अतिथियों ने सौर ऊर्जा आधारित पूसा फार्म सन फ्रिज का उद्घाटन और फसल प्रदर्शनी का अवलोकन किया व किसानों से चर्चा की। श्री तोमर ने संस्थान के प्रकाशनों का विमोचन व अध्येता किसानों का सम्मान किया। सम्मानित किसान हैं- श्री जिंतेंद्र कुमार सिंह (वैशाली, बिहार), श्री धीरेंद्र कुमार भानुभाई देसाई (भरूच, गुजरात), श्री रवींद्र माणिकराव मेटकर (अमरावती, महाराष्ट्र), श्री सुखजीत सिंह भंगू (पंजाब), श्री भंवरलाल कुमावत (राजसमुंद, राजस्थान)। मेले के समन्वयक डॉ. इंद्रमणि मिश्र ने आभार माना। कार्यक्रम में पद्मश्री किसान श्री कमल सिंह चौहान, श्री सुल्तान सिंह व श्री चंद्रशेखर सिंह, आईसीएआर के सचिव श्री संजय सिंह भी मौजूद थे।