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जोशीमठ-मलारी हाईवे को जोड़ने वाला पुल जल्द होगा तैयार 

The work of rebuilding the bridge that was swept away by the Rishiganga disaster near Raini village on the Joshimath-Malari highway

समग्र समाचार सेवा

जोशीमठ,3 मार्च।

जोशीमठ-मलारी हाईवे पर रैणी गांव के निकट ऋषिगंगा की आपदा में बह गए पुल को दोबारा से बनाने का कार्य जोरों में है। सीमा सड़क संगठन की आरे से बैली ब्रिज बनाने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। बीआरओ अधिकारियों का दावा है कि 5 मार्च तक पुल का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। जोशीमठ में नीति घाटी में रैणी गांव के निकट ऋषिगंगा नदी पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाला बैली ब्रिज को अब नई जगह पर बनाया जा रहा है। आपदा से पहले जिस स्थान पर यह पुल बना था, वहां काफी हिस्सा उफान में बह जाने से नदी की चैड़ाई दो सौ मीटर हो गई। ऐसे में वहां वैली ब्रिज बनाना संभव नहीं था। गहन मंथन के बाद नई सुरक्षित जगह वैली ब्रिज बनाने पर सहमति बनी। यह पुल मौजूदा स्थल से कुछ दूरी पर है। वहां इसे मुख्य हाईवे से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ऋषिगंगा हाईड्रो प्रोजेक्ट के बैराज से करीब ढाई सौ मीटर लंबा नया रास्ता बनाया जा रहा है। यहां कटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। नया पुल तकरीबन 58 मीटर स्पान का होगा। बीआरओ शिवालिक परियोजना के मुख्य अभियंता आशु सिंह राठौर ने बताया कि निर्माण कार्य पांच मार्च तक पूरा होने की संभावना है।

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