अजय रमोला
समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 3मार्च।
हिलदारी, नेस्ले इंडिया द्वारा समर्थित एक पहल, जिसे स्ट्री मुक्ति संघटना द्वारा कार्यान्वित किया गया और तकनीकी रूप से रीसिटी नेटवर्क द्वारा समर्थित है, प्रेरक व्यवहार है जो अपने रचनात्मक दृश्यमान परिवर्तन हस्तक्षेप के माध्यम से कचरे के जिम्मेदार हैंडलिंग को बढ़ावा देता है। हिलदारी मसूरी में पिछले दो वर्षों से शहर में ठोस और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए समावेशी, प्रासंगिक और लचीला मॉडल विकसित करने के लिए काम कर रही हैं।
कंपनी गार्डन में अनुज गुप्ता अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी के कर कमलों से प्लास्टिक से निर्मित कूड़ादान का उद्घाटन किया गया साथ ही अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि मसूरी शहरों में ऐसे ही कूड़ादान अतिशीघ्र लगाया जाएगा ताकि टूरिस्ट इन बातों से अवगत हो सके कूड़ा भी संसाधन के रूप में हो सकता है।

सार्वजनिक स्थानों पर पुनर्नवीनीकरण फर्नीचर रखने का उद्देश्य लोगों को एक संसाधन के रूप में कचरे को देखने और एक उम्मीद और स्थायी भविष्य के लिए अपशिष्ट-सचेत व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक के कूड़े-डिब्बे को कार्यशाला-क्यू नामक एक इको-उत्पाद निर्माण कंपनी द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। वर्कशॉप के सह-संस्थापक और प्रवक्ता माधवी और राधिका ने कहा कि ‘बोल्ड संकेतों के माध्यम से सरल संचार और असाइन किए गए रंगों (गीले कचरे = हरे, सूखे अपशिष्ट = नीले) का पालन करने के लिए समाज के सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए सुलभ, हम सभी एक साथ आ सकते हैं। हमारी हिलदारी को महसूस करने के लिए यानी पहाड़ियों के प्रति जिम्मेदारी रखने के लिए प्रत्येक लिटरबिन में 180 लीटर की संयुक्त क्षमता होती है और इसे पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक (मल्टी लेयर पैकेजिंग, एचडीपीई और एलडीपीई प्लास्टिक) का उपयोग करके बनाया जाता है। इन 10 कूड़ेदानों में बनाने में कुल 125 किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया गया है।
इस रचनात्मक हस्तक्षेप के साथ, परियोजना का उद्देश्य अधिक स्थायी भविष्य के लिए आशा की भावना पैदा करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर सुंदरता और अर्थ जोड़ना है।
इस क्रम में अधिशासी अधिकारी आशुतोष सती, किन से अशोक कुमार विक्की शुभम, कंपनी गार्डन से वीरेंद्र सिंह राणा एवं चंद्रभान सिंह,
हिलदारी से अभिलाष अंशुल बबीता मौजूद थे।