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जबलपुर हाईकोर्ट ने पेट्रोलियम मंत्रालय समेत तेल कंपनियों को भेजा नोटिस, 6 सप्ताह में मांगा जबाव

The Jabalpur High Court has sent a notice to the oil companies, including the Petroleum Ministry, seeking a reply within 6 weeks

समग्र समाचार सेवा
जबलपुर, 4मार्च।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर हाईकोर्ट सख्त नजर आ रही है। जबलपुर हाईकोर्ट पेट्रोलियम मंत्रालय समेत तेल कंपनियों को नोटिस भेज कर 6 सप्ताह के अन्दर जवाब मांगा है। बता दें कि इस मुद्दे पर जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। जिसके बाद डीजल और पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर बेचे जाने के मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय समेत तेल कंपनियों को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

जानकारी के मुताबिक जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय जैव ईधन योजना के तहत पेट्रोल और डीजल में 5 से 7% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। इसके बावजूद डीजल और पेट्रोल की तुलना में सस्ते एथेनॉल की ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है।

याचिका में कहा गया है कि पिछले 5 सालों से 5 से 7% एथेनॉल का मिश्रण पेट्रोल-डीजल में किया जा रहा है। बाजार में एथेनॉल की कीमत पिछले 5 वर्षों के दौरान 40 से 58 रुपए प्रति लीटर रही है। लेकिन इतने ही सालों में पेट्रोल और डीजल की कीमत 65 से लेकर 100 रुपए तक दर्ज की गई है। याचिका में कहा गया है कि बिना किसी पॉलिसी के तहत एथेनॉल की कीमत पेट्रोल डीजल में मिश्रण के बाद भी बढ़ी हुई कीमत वसूली जा रही है। जबकि एथनॉल की कीमत पेट्रोल डीजल की तुलना में 30 से 40 रुपए प्रति लीटर कम होती है.

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