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“भाजपा अपनी तानाशाही प्रवृत्ति और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उत्तराखंड की जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई”, जोत सिंह बिष्ट

Talking to reporters in Mussoorie, Uttarakhand Congress state vice-president Jot Singh Bisht said that the political arrogance of Uttarakhand has come to an end and by replacing Trivendra Singh Rawat, the Bharatiya Janata Party has sworn in Tirath Singh Rawat as the new chief minister.

सुनील सोनकर

समग्र समाचार सेवा
मसूरी,11मार्च।

मसूरी में पत्रकारों पे वार्ता करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड के सियासी घमासान का पटाक्षेप हो गया और त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर भारतीय जनता पार्टी ने तीरथ सिंह रावत को नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिला दी है।

जोत सिंह बिष्ट ने तीरथ सिंह रावत को देवभूमि उत्तराखंड के दसवें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिए बधाई दी। जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जनता तीरथ सिंह रावत से बहुत अपेक्षाएं रखती हैं। उन्होने कहा कि भाजपा चेहरा बदलकर फिर जुमलेबाजी करके जनता को गुमराह करने की और झूठ बोलकर सत्ता वापसी की जो कोशिश कर रही है, जनता अब उनके भुलावे में आने वाली नहीं है।

हकीकत में भाजपा सरकार के नए मुख्यमंत्री को राज्य की अर्थव्यवस्था ,कानून व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। बेरोजगारों को रोजगार के साथ किसानों की समस्या के समाधान की जरूरत है। महिलाओं को सुरक्षा देन की जरूरत है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हुए 10 लाख परिवारों जिनमें होटल व्यवसाई, छोटे व्यापारी, परिवहन व्यवसाई और इन संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी हैं जो पिछले 1 साल में कोरोना के कारण ठप्प पड़े पर्यटन की मार झेल रहे हैं और रोजी रोटी के लिए मोहताज हैं, बैंक का कर्जा नहीं दे पा रहे हैं, इन परिवारों को संरक्षण देने की जरूरत है।

प्रवासी बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने की जरूरत है। विभिन्न विभागों में कार्यरत राज्य के अस्थाई कर्मचारियों को जो विगत 17 दिन से देहरादून में हड़ताल पर हैं उनके भविष्य को सुरक्षित करने की जरूरत है। अलग-अलग विभागों के कर्मचारी सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर समय-समय पर हड़ताल पर चले जाते हैं उनके साथ बातचीत करके उनकी समस्या का समाधान करते हुए उनको सही तरीके से काम पर लगाने की जरूरत है।

राज्य में सड़को के प्रति लोगो में अविश्वास का वातावरण है। उसको विश्वास में बदलने की जरूरत है। इस सरकार ने पर्वतीय क्षेत्र की जमीनों की बिक्री का रास्ता खोल रखा है जिसको नियंत्रित करने की आवश्यकता है राज्य में शराब व्यवसाय पर अंकुश लगाने के साथ-साथ खनन व्यवसाय को सही तरीके से व्यवस्थित करके अवैध खनन पर रोक लगाने की जरूरत है।

सवाल यह है कि क्या तीरथ सिंह रावत अगले 10 महीनों में इन सारे काम को कर पाएंगे। भाजपा को उत्तराखंड की जनता ने भारी बहुमत देकर के एक स्थिर सरकार दी थी, लेकिन भाजपा अपनी तानाशाही प्रवृत्ति और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण राज्य की जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है।

मुख्यमंत्री का चेहरा बदलकर भाजपा अब जनता के साथ धोखा कर रही है। चेहरा बदलने से भारतीय जनता पार्टी अपनी 4 साल की नाकामियों को छुपा नहीं सकती है। इनको 4 साल की नामकमियों का दंड भुगतने के साथ मार्च 2016 में कांग्रेस सरकार को गिराने के रूप में किए गए पाप का दंड तो हर स्थिति में भुगतना पड़ेगा।

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