Site icon Samagra Bharat News website

मेलाधिकारी दीपक रावत शुक्रवार श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा निर्वाण, राजघाट, कनखल के धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम में हुए शामिल

Meladhikari Deepak Rawat attended the Dharmadhwaja installation program of Shree Panchayati big nostalgic arena Nirvana, Rajghat, Kankhal on Friday.

समग्र समाचार सेवा
हरिद्वार 2 अप्रैल।
मेलाधिकारी दीपक रावत शुक्रवार को श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा निर्वाण, राजघाट, कनखल के धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की तथा महंत महेश्वरदास जी, महंत दुर्गादास जी, महंत दामोदर दास जी, महंत प्रेमदास जी आदि संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद संतों व मेलाधिकारी ने धर्म ध्वजा का विधि-विधान से मोरपंख, रूद्राक्ष की माला, तिलक, चंदन, रोली आदि से पूजा-अर्चना की तथा हर हर महादेव के जयघोष और बैंडबाजों की धुन पर धर्म ध्वजा स्थापित की गई।
इस दौरान धर्म ध्वजा स्थापना स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पुष्पवर्षा की गई। श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा निर्वाण राजघाट, कनखल के महंत दामोदर दास, प्रेमदास व प्रमुख संतों ने मेलाधिकारी दीपक रावत का माला पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर महंत कैवल्यानंद जी, महंत रघुमुनि जी, महंत अद्वैतानंद जी, कोठारी जयेन्द्र मुनि जी, महंत निर्मलदास जी, कोठारी निरंजन दास जी, कोठारी दर्शनदास जी, महंत दुर्वेशदास जी, महंत मुरलीदास जी, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सैंथिल अबुदई कृष्ण राज एस, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारीध्अधिकारीगण उपस्थित थे।
इससे पूर्व मेलाधिकारी दीपक रावत व पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़ा, अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़ा, अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा की ओर से आयोजित धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने धर्मध्वजा स्थापना के दौरान साधु-संतों के साथ पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा के अध्यक्ष श्री महंत राजेंद्र दास जी, श्री पंच दिगम्बर अणि अखाड़े के श्री महंत रामजी दास, श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के श्री महंत कृष्णदास जी, बाबा हठयोगी, श्री महंत धर्मदास जी, श्री महंत मोहनदास जी आदि उपस्थित थे।

Exit mobile version