Site icon Samagra Bharat News website

जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक आयोजित

A meeting of Uttarakhand Pollution Control Board was held in Rishiparna Auditorium under the chairmanship of District Magistrate Dr. Ashish Kumar regarding implementation of the Air Quality Improvement Action Plan under the National Air Program in Rishikesh, Dehradun, a city identified from the point of view of air pollution.

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 9अप्रैल।

वायु प्रदूषण के दृष्टिकोण से चिन्हित शहर ऋषिकेश, देहरादून में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के अन्तर्गत वायु गुणवत्ता सुधार कार्य योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध मे जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएनजी/एलपीजी व्यवसायिक वाहनों के स्टेशन संचालन के सम्बन्ध में बताया गया कि भानियावाला सीएनजी के साथ ही वर्तमान में 38 सीएनजी तथा 112 एलपीजी स्टेशन संचालित है तथा श्यामपुर ऋषिकेश में सीएनजी स्टेशन प्रस्तावित किया गया है।

जिलाधिकारी ने प्रदूषण जांच केन्द्रों के सम्बन्ध में परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि प्रदूषण जांच केन्द्रों द्वारा वाहनों को जारी प्रमाण पत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें बताया गया कि वर्तमान में ऋषिकेश क्षेत्र में 23 प्रदूषण जांच केन्द्र संचालित है। उन्होंने प्रदूषण केन्द्रों द्वारा निर्गत किए गए प्रमाण पत्र वाले वाहनों की क्रास चैकिंग कराए साथ ही इन्टीग्रेटेड पोर्टल के माध्यम से सन्देश भी भिजवाए और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरूद्ध चालान की कार्यवाही करें।

बैठक में ई-रिक्शा संचालन को बढावा देने, व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस का अनुश्रवण करने, सभी प्रदूषण केन्द्रों को विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने, नगर निगम क्षेत्रों के अन्तर्गत नालों की सफाई व साॅलिडवेस्ट हटाए जाने, सड़कों पर जल का छिड़काव करने, सड़क के साथ पक्के फुटपाथ निर्माण करने, घास लगाने तथा वाटर फे्रन्डली टाइल्स लगाने, सड़कों के किनारे वृक्षारोपण करने, खुले स्थानों पर सामुदायिक केन्द्र, पार्क व हाउसिंग सोसाइटी में हरित पट्टिका विकसित करने, 10 हजार वर्ग फिट से अधिक कवर्ड क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों को कवर्ड करने, सड़कों पर फैले निर्माण सामग्री को हटाने हेतु डम्पिंग यार्ड बनाने, नगरीय ठोस अपशिष्ट सामग्री को ढके जाने, सड़क किनारे भण्डारण करने पर चालान करने, वायोमास, प्लास्टिक तथा सालिड वेस्ट को खुले में जलाने को प्रतिबन्धित करने, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में प्रयोग होने वाले ईधन को प्रदूषण बोर्ड एवं खाद्य आपूर्ति विभाग को संयुक्तरूप से निरीक्षण करने, औद्योगिक क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त करने हेतु चिमनियां लगाने, परिवेशीय वायु गुणवत्ता सेशन बढाये जाने, वायु प्रदूषण नियंत्रण, वाहन फिटनेस तथा व्यक्तिगत वाहनों का प्रयोग करने हेतु जनजागरूकता कार्यशाला तथा होर्डिंग्स लगाए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को दिए। इसके अलावा नगर निगम देहरादून व ऋषिकेश में अरबन क्वालिटी सैल में प्रदूषण तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नगर निगमों व प्रदूषण बोर्ड को खुले डीजी सेट हटाए जाने के सम्बन्ध में निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के साथ ही प्रदूषण बोर्ड की बैठक का एजेण्डा तैयार किया जाए, जिसमें सम्बन्धित विभागों की कार्य योजना सम्मिलित हो सके। उन्होंने उत्तराखण्ड प्रदूषण बोर्ड की आगामी बैठक में डीएफओ, सचिव एमडीडीए, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र को भी आमंत्रित किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण बोर्ड, अपर जिलाधिकारी वि/रा बीर सिंह बुदियाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी अरविन्द पाण्डेय, अधिशासी अभियन्ता एमडीडीए जीसी भट्ट, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके सिंह, नगर निगम ऋषिकेश के सेनेटरी इन्सपैक्टर संतोष गुंसाई, अधिशासी अभियन्ता एन.एच ओपी भट्ट, खाद्य आपूर्ति अधिकारी जसवन्त सिंह कण्डारी, सब डिविजनल फारेस्ट आफिसर बीी.बी मर्तोलिया समेत सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Exit mobile version