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एक रेलवे कर्मचारी ने बचाया नेत्रहीन मां का बच्चा, जानें क्या है मामला

Regardless of themselves, the person who actually helps others is the same hero. Yes, a railway worker did this. Not only this, the Mumbai

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19 अप्रैल।
खुद की परवाह किए बिना जो दूसरों की मदद के लिए आगे असल में वही हिरो होता है। जी ऐसा ही कर दिखाया एक रेलवे कर्मचारी ने। इतना ही नहीं मुंबई के इस कर्मचारी ने वांगणी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया साथ ही एक मां की कोख भी उजडने से बचा लिया।
रेलवे स्टेशन पर इस रेलवे कर्मचारी ने पटरियों पर गिरे एक बच्चे की जान को अपने जान पर खेलकर बचाई है। जिस दौरान बच्चा ट्रैक पर गिरा उस दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन उसी ट्रैक पर आ रही थी, लेकिन पाइंट्समैन की बहादुरी के कारण बच्चे की जान बच पाई है जिसके बाद सेंट्रल रेलवे डिविजन द्वारा ट्वीट कर पाइंट्समैन को बहादुर बताया गया है।

दरअसल एक बच्चा अपनी मां के साथ प्लैटफॉर्म पर चल रहा था, बच्चे की मां नेत्रहीन थी और बच्चे का बैलेंस बिगड़ जाने के कारण व ट्रैक पर जा गिरा उसी वक्त तेज रफ्तार ट्रेन ट्रैक पर आ रही होती है। इसी बीच पाइंट्समैन मयूर शेल्खे ने तेजी से दौड़ लगाई और पहले बच्चे को उठाकर प्लैटफॉर्म पर चढ़ाया फिर ट्रेन जब कुछ ही दूरी पर थी तो खुद भी प्लैटफॉर्म पर चढ़ गए।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है औऱ लोग मयूर की खूब तारीफ कर रहे हैं। लोग मयूर की बहादुरी पर कह रहे हैं कि मयूर को सम्मानित किया जाना चाहिए क्योंकि उसने अपनी जान पर खेलकर एक बच्चे की जान को बचाया है।

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