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चीन सामरिक प्रतिस्पर्धा बिल को जोरदार समर्थन, अमेरिकी सीनेट समिति ने दी मंजूरी

A powerful committee of the Senate strongly supported and approved this important China Strategic Competition Bill. Explain

समग्र समाचार सेवा
वाशिंगटन, 24अप्रैल। सीनेट की एक शक्तिशाली समिति ने अहम चीन सामरिक प्रतिस्पर्धा विधेयक को जोरदार समर्थन किया और इस मंजूरी भी दे दी है। बता दें कि इसमें भारत के साथ सुरक्षा रिश्तों को बढ़ाने का समर्थन किया गया है।विधेयक में भारत को चीन के खिलाफ कूटनीतिक मदद का भी जिक्र किया गया है।

सीनेट की विदेश संबंध समिति ने तीन घंटे की चर्चा और कई संशोधनों के साथ सामरिक प्रतिस्पर्धा अधिनियम को 21 मतों के साथ अपनी मंजूरी दी। इस द्विपक्षीय विधेयक में कहा गया है कि अमेरिका निश्चित ही भारत के साथ व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

विधेयक में भारत-अमेरिकी द्विपक्षीय रक्षा विमर्शों एवं सहयोग को पहले से ज्यादा मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। विधेयक में अमेरिकी सरकार से अपील की गई है कि बाइडन प्रशासन भारत के साथ करीब से विचार-विमर्श कर ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां वह क्षेत्र में चीन के कारण उत्पन्न आर्थिक एवं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की भारतीय कोशिशों में कूटनीतिक एवं अन्य सहायता दे सके।

चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद के तौर पर पहचाने जाने वाले क्वाड समूह में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल है। विधेयक में इसकी मजबूती के लिए उपाय बढ़ाने की सिफारिश की गई। वर्ष 2007 में इसकी स्थापना के बाद से चार सदस्य देशों के प्रतिनिधि समय-समय पर मिल रहे हैं। चार देशों के शीर्ष नेताओं ने पिछले महीने राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा आयोजित ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।

ऑस्ट्रेलिया द्वारा चीन के साथ विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) समझौते को रद्द करने के बाद बीजिंग ने बौखलाहट जताई कि यह अनुचित और भड़काऊ कार्रवाई है। चीन ने चेतावनी दी है कि इससे द्विपक्षीय रिश्तों को नुकसान पहुंचेगा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मॉरिस पायने ने चीन के साथ चार समझौतों को रद्द करते हुए कहा कि विक्टोरिया प्रांत द्वारा 2018 व 2019 में किए ये समझौते उसके राष्ट्रीय हित के खिलाफ हैं।

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