Site icon Samagra Bharat News website

कालाबाजारी की शिकायतों पर हो कड़ी कार्रवाई : सीएम तीरथ

Chief Minister Mr. Tirath Singh Rawat has announced Chief Minister Vatsalya Yojana in the state. The plan is for orphaned children who have lost their parents to Covid-19 infection. The Chief Minister said that till the age of 21 years of such orphan children of the state, the State Government will make arrangements for their maintenance, education and training for employment.

समग्र समाचार सेवा

देहरादून, 24अप्रैल। 

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि कालाबाजारी की शिकायतों पर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठकों में जो निर्णय एक बार ले लिया जाता है, उसकी अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए।  मई से राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान संचालित किया जाना है। इसकी पुख्ता तैयारियों कर ली जाएं। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कैम्प एप्रोच पर टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। औद्योगिक संस्थानों, कालेजों, सहित ग्राम स्तर तक करना है। नगर निकायों की भांति ही पंचायतों में भी सेनेटाइजेशन कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बोर्डर पर बाहर से आने वालों की सख्त चैकिंग हो। बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के न आने दिया जाए। राज्य के प्रवासी लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी हो। उन्हें सीधे उनके घर भेजकर होम आइसोलेशन में रखा जाए। ये लोग होम आइसोलेशन का पालन करें इसके लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को समुचित धनराशि उपलब्ध करानी होगी। पुलिस का प्रधानों को सहयोग दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों को उपलब्ध कराई गई रेमडेसिवर की मात्रा और तय दर सार्वजनिक करने के निर्देश दिये। आगे के 15 दिनों के अनुसार कोविड को लेकर प्लान हो। उसी के अनुरूप आक्सीजन, आईसीयू, जरूरी दवाएं आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। आक्सीजन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर सर्वाधिक ध्यान देना होगे। जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। होम आइसोलेशन में किन किन बातों का ध्यान रखा जाना है, लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। एक प्रभावी सेंट्रल कंट्रोल रूम हो, जहां लोगों को विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बेड की जानकारी मिल सके और जरूरी होने पर व्यक्ति को किस अस्पताल जाना चाहिए, इसके बारे में बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून अस्पताल की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाए। टेस्ट के लिये सेम्पल लेते ही दवाई भी उपलब्ध करा दी जाए। अस्पतालों में पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाए।

वीडियो कांफ्रेंसिग में आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूङी, डीजीपी श्री अशोक कुमार, सचिव श्री अमित नेगी, श्री नितेश झा, श्री शैलेश बगोली, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

Exit mobile version