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उड़ीसा से 24 टन से अधिक ऑक्सीजन लेकर लौटे नाइट्रोजन टैंकर

To overcome the shortage of life-saving oxygen for the Corona patients, the four nitrogen tankers of the animal husbandry department

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29अप्रैल। कोरोना मरीजों के लिए जीवन रक्षक ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए राज्य शासन द्वारा शनिवार को उड़ीसा भेजे गए पशुपालन विभाग के चारों नाइट्रोजन टैंकर 24.28 टन ऑक्सीजन लेकर वापस आ गए हैं। आवश्यकता के आधार पर इन टैंकरों को गुना, सतना, छतरपुर और शिवपुरी भेजा गया है। पुलिस सुरक्षा के साथ वापस आए नाइट्रोजन टैंक में आई 7 टन ऑक्सीजन को गुना, 8.460 टन को सतना, 4.080 को छतरपुर और 4.740 टन को शिवपुरी भेजा गया है। कल गुना पहुँचा टैंकर खाली हो गया है और शासन के निर्देशानुसार नए गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगा।

राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम द्वारा इन नाइट्रोजन टैंकरों का उपयोग प्रदेश के सभी जिलों में गो- भैंस वंशीय पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए सीमन डोज संरक्षण के लिए किया जाता है। नाइट्रोजन में डूबे रहने से यह डोज 20 से 50 वर्ष तक खराब नहीं होते। सीमन डोज -196 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नाइट्रोजन में संरक्षित किए जाते हैं। कुक्कुट विकास निगम द्वारा उत्पादित नाइट्रोजन बनाने में किसी तरह के कच्चे माल की जरूरत नहीं होती। वातावरण में 78 प्रतिशत नाइट्रोजन और होती है। नाइट्रोजन बनाने में सक्षम होने के कारण इन टैंकरों को ऑक्सीजन लाने के लिए उपयुक्त माना गया है।

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