Site icon Samagra Bharat News website

श्रम दिवस पर आईएफडब्लूजे वेबिनार में यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा पत्रकारों की आपात मदद के लिए बने फंड

On International Labor Day, the Indian Federation of Working Journalists has pledged to create a national level fund to help journalists in emergency situations. The Federation has said that it is in great need in view of the deaths and illnesses of journalists in the period of Corona epidemic.

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 2 मई। अंतरर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने आपात स्थितियों में पत्रकारों की मदद के लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर कोष बनाने का संकल्प लिया है। फेडरेशन ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौर में हो रही पत्रकारों की मौत और बीमारियों को देखते हुए इसकी बड़ी आवश्यकता है।

पत्रकारों के लिए इस तरह का कोष बनाने का सुझाव उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक की ओर से दिया गया है। कानून मंत्री पाठक श्रम दिवस के मौके पर आईएफडब्लूजे की ओर से आयोजित वेबिनार के मुख्य अतिथि थे। कोरोना काल में ब्रजेश पाठक की ओर से जनता और विशेष कर पत्रकारों की मदद को वेबिनार में सभी ने सराहा।

पाठक ने कहा कि पत्रकार जो इन विषम परिस्थितियों में भी फील्ड में जाकर काम कर रहे हैं उनके लिए कोरोना प्रोटोकाल का मानना जरुरी है और अपने स्वास्थ्य की नियमित देखभाल बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान रिपोर्टिंग व कवरेज के दौरान पर्याप्त दूरी बनाए रखना बहुत जरुरी है। पत्रकारों की आर्थिक सहायता के लिए एक कोष बनाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि आपात स्थितियों में यह बहुत काम आएगा।
आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि संगठन और ब्रजेश पाठक की मदद से बहुत से पत्रकारों को सरकार की ओर से चिकित्सा एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा देते हुए किसी भी तरह की विषम परिस्थिति का शिकार होने पर पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। पत्रकारों के संबंधित मीडिया हाउस और सरकार को मृत्यु होने की दशा में बच्चों की पढ़ाई का पूरा भार उठाना चाहिए।

वेबिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर अपने संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार और आईएएनएस दिल्ली के कार्यकारी संपादक दीपक शर्मा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान फील्ड में काम कर रहे पत्रकारों को बहुत सतर्क रहने की जरुरत है और डाक्टरों की सलाह पर अमल करना चाहिए। दिवंगत रोहित सरडाना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इसी तरह देश भर में सैकड़ों पत्रकारों की जान गयी है और उनके परिजनों का ख्याल सरकार और संगठनों को रखना होगा। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर पत्रकारों का टीकाकरण काफी हद तक इस जानलेवा बीमारी से बचाव कर सकेगा।
वेबिनार का संचालन कर रहे आईएफडब्लूजे राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने कहा कि कोरोना ने पहले पत्रकारों की आजीविका पर संकट पैदा किया और जीवन को खतरे में डाल दिया है। आईएफडब्लूजे उपाध्यक्ष विभूति भूषण कार ने उड़ीसा मे हुयी पत्रकारों की मौत का उल्लेख करते हुए वहां की सरकार की ओर से दी गयी 15 लाख रुपये की मदद की जानकारी दी।
आईएफडब्लूजे उपाध्यक्ष केएम झा ने कहा कि आज ही मध्यप्रदेश में उनके साथ पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर पत्रकारों के लिए सहायता की मांग की थी। श्री चौहान ने मध्यप्रदेश के दिवंगत पत्रकारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया है। राजश्तान में भी इसी तरह की मदद सरकार की ओर से की गयी है।
वेबिनार में मुंबई के सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना ने महाराष्ट्र में भी तबाही मचा रखी है लेकिन हम हाथ पर हाथ रखकर नही बैठ सकते। पत्रकारों को कोरोना को शिकस्त देने के लिए कमर कसनी होगी। दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार रमेश ठाकुर ने पत्रकारों की आर्थिक मदद के लिए अलग से कोष बनाने का स्वागत किया और नर्सों, डाक्टरों पुलिस कर्मियों की तरह पत्रकारों को भी कोरोना वारियर का दर्जा देने की मांग की। दिल्ली वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष अलक्षेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कोरोना काल में मीडिया घरानों के मालिकों को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। बंगाल की युवा पत्रकार पूजा दास ने कहा कि संगठनों को वर्तमान परिस्थितियों में पत्रकारों के सेवायोजन के बारे में भी प्रयास करना चाहिए।
वेबिनार में तकनीकी कारणों शामिल न हो सके आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीबी मल्लिकार्जुनैय्या ने पत्रकारों की सुरक्षा व नौकरी की गारंटी के लिए एकजुटता की अपील की। श्रीलंका प्रेस एसोसिएशन के कुर्लु करियाकरवाणा ने आईएफडब्लूजे के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए पत्रकारों के हितों के लिए साझा लड़ाई का संदेश दिया है।
श्रम दिवस पर आयोजित वेबिनार में छत्तीसगढ़ से आईएफडब्लूजे के वरिष्ठ साथी प्रवीर सिंह बदेशा, श्याम बाबू, बिहार से सुधांशु कुमार सतीश, झारखंड से अजय ओझा, यूपी से टीबीसिंह व राजेश महेश्वरी और दिल्ली से पत्रकार आवाज के राजेश निरंजन ने अपनी बात रखी। वेबिनार में यूपी से राजेश मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, विकास शर्मा, आईएफडब्लूजे कोषाध्यक्ष रिंकू यादव, दिल्ली से विवेक त्यागी सहित 35 पत्रकार शामिल हुए। आईएफडब्लूजे के प्रधान महासचिव परमानंद पांडे ने कहा कि वेबिनार के सुझावों पर अमल करते हुए संगठन की ओर से काम शुरु किया जाएगा।

Exit mobile version