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कोरोना को मात देने के बाद भी वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय नहीं जीत सके मौत से जंग

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6मई। सहारा न्यूज नेटवर्क में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय का मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे कोरोना से संक्रमित थे और करीब 20 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। पांच दिन पहले ही उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया था और इस बीच उन्होंने कोरोना को भी मात दे दी थी, जिसकी वजह से उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गयी थी। लेकिन इसके बाद भी वे मौत से जिंदगी की जंग हार गए।

उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट के जरिए, बीमार होने की जानकारी भी साझा की थी-

उनके निधन की खबर सुनकर मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए-

 

 

 

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय ने सहारा न्यूज नेटवर्क के साथ बीते वर्ष जनवरी में दूसरी बार अपनी पारी की शुरुआत की थी। वे हिंदी में ‘सहारा रिसर्च फाउंडेशन’ के हेड के रूप में काम कर रहे थे। उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी अरुण पांडेय को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का 30 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव था। इस दौरान वह कई मीडिया संस्थानों में अहम जिम्मेदारी निभा चुके थे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट अरुण पांडेय ने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत वर्ष 1991 में ‘सहारा मीडिया’ के अखबार ‘हस्तक्षेप’ से की थी। यहां उन्होंने लंबी पारी खेली थी। वर्ष 2003 में उन्होंने सहारा के टीवी चैनल का रुख कर लिया था और करीब चार साल यहां रहे थे।

इसके बाद वर्ष 2007 में अरुण पांडेय ने ‘सहारा’ को अलविदा कह दिया था और ‘न्यूज 24’ के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी थी। यहां एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और असाइमेंट हेड के तौर पर लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वर्ष 2015 में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर (असाइनमेंट) वह ‘इंडिया टीवी’ के साथ जुड़ गए थे।
साभार- समाचार4मीडिया

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