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राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र

Governor Ms. Anusuiya Uike has written a letter to the Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel to ensure necessary action in relation to prevention and treatment of Kovid vaccination and Corona in remote tribal dominated and rural areas. Governor Ms. Uike mentioned in the letter that currently our state is also going through a global epidemic of corona virus.

समग्र समाचार सेवा,
रायपुर,  6 मई। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को सुदूर आदिवासी बहुल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीकाकरण एवं कोरोना से बचाव एवं उपचार के संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र लिखा है। राज्यपाल सुश्री उइके ने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान में हमारा प्रदेश भी कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रहा है।

मेरे द्वारा विगत दिवस प्रदेश के आदिवासी समाज के प्रमुख व्यक्तियों के साथ एक बर्चुअल बैठक का आयोजन कर सुदूर ग्रामीण अंचलों में निवासरत जनजाति समाज की कोविड संक्रमण की समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में समाज के प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लेकर समस्याओं एवं उनके सुझावों से मुझे अवगत कराया है। आदिवासी समाज के प्रमुख व्यक्तियों ने अवगत कराया है कि प्रदेश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, इसलिये स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में अस्पताल में आईसीयू व आक्सीजन सिलेंडरों की बहुत कमी है।

इस कमी को शीघ्र दूर करने की आवश्यकता है। आरटीपीसीआर जांच की सुविधा बढ़ाने के साथ ही साथ जांच उपरांत तत्काल रिपोर्ट देकर इलाज शुरू कराए जाने की आवश्यकता है। जनजाति व्यक्तियों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता एवं सुविधा बढ़ाने की आवश्यकता है। टीकाकरण कराने की जागरूकता अभियान चलाने एवं लोगों को टीकाकरण नहीं कराने पर राशन कार्ड रद्द करने की धमकी दी जा रही है जिसे रोकने की आवश्यकता है।

आक्सीजन सिलेंडर सप्लाय एवं अस्पतालों में भोजन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

राज्यपाल सुश्री उइके ने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में रोगीवाहन एवं शववाहन की सुविधा की बहुत कमी है, प्राइवेट एंबुलेंस वाले अत्यधिक अधिक राशि मांग रहे हैं इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। गरीब परिवार के व्यक्तियों के लिए रियायती दर या निःशुल्क दवाई उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है।अत्यधिक गरीब गंभीर मरीजों को इलाज हेतु प्राइवेट हास्पिटल में भी निशुल्क बेड उपलब्ध कराने की व्यवस्था करवाने की आवश्यकता है। लाकडाउन में सभी को एवं जनजाति गरीबों को कच्चा अनाज इत्यादि उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण की बकाया राशि एवं बोनस रुकी हुई है उसे शीघ्र प्रदान किये जाने की आवश्यकता है। कोरोना वर्कर का बीमा कराए जाने और नए कर्मी भर्ती किये जाने पर बल दिए जाने की आवश्यकता है। सभी प्रकार के परिवारिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, आयोजनों पर अभी अस्थाई रूप से पाबंदी जारी रखने की आवश्यकता है।विधायक निधि का उपयोग स्थानीय तौर पर हो। साथ ही प्रदेश के विधायकों से अपने अपने क्षेत्रों में विकास राशि से स्वास्थ सुविधाओं के साथ-साथ एंबुलेंस उपलब्ध कराने हेतु आग्रह किया जाए।

ग्रामीणक्षेत्रों में लोगों को करोना बचाव हेतु जन जागृति के माध्यम से प्रभावी आयुर्वेदिक इलाजो के साथ अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने व शासन की गाइडलाइन के पालन हेतु प्रोत्साहन करने हेतु आदिवासी समाज के युवाओं द्वारा मदद की पेशकाश की है। इस पर विचार किया जा सकता है। सुदूर ग्रामीण आदिवासी अंचलों में अभी भी लोगों में टीका लगवाने के संबंध में भ्रम की स्थिति है।अपवादस्वरूप कहीं पर टीका लगवाने के उपरांत किसी वजह से हुई मृत्यु का टीका को कारण मान लिया गया है। शासन स्तर से टीकाकरण के प्रति जारूकता बढाने की आवश्यकता है।

कुछ क्षेत्रों में लाकडाउन अवधि में जीवन यापन के लिये अनाज वितरण के समय कहा जा रहा है कि पहले टीका लगवाओं उसके उपरांत ही अनाज दिया जायेगा। इस अनिवार्यता या भ्रम की स्थिति को समाप्त करने की आवश्यकता है। उक्त सभी समस्याएं एवं सुझाव जनजाति समाज के सभी प्रबुद्ध जन प्रतिनिधियों द्वारा सम्मति से दिये हैं, जो कि उचित प्रतीत होते हैं और इनका परीक्षण करवाकर शीघ्र ही निर्णय लेने की आवश्यकता है। विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण अंचलों, सीमाओं में रहने वाले पहुॅंच विहीन ग्रामों में गरीब आदिवासियों की निःशुल्क भोजन एवं चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं की शीघ्र पूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। राज्यपाल सुश्री उइके ने इस संबंध में की कार्यवाही से शीघ्र अवगत कराने की बात कही है।

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