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प्रदूषण मुक्त परिसर बनने की दिशा में अग्रसर हुआ हिंदी विश्वविद्यालय

समग्र समाचार सेवा

वर्धा, 05 मई। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए आज (बुधवार) शाम कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए पर्याप्त दूरी बनाते हुए चुनिंदा शिक्षकों व अधिकारियों को बैटरी चालित साइकिलें सौंपी।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साइकिल सवारी न सिर्फ शारीरिक श्रम की दृष्टि से लाभदायक है बल्कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाती है। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी इससे मजबूती मिलेगी। प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने उम्मीद जतायी कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व शोधार्थी भी साइकिल की सवारी करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डाॅ. चंद्रकांत रागीट, कुलसचिव कादर नवाज खान, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृपाशंकर चौबे, संस्कृति विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी, दर्शन शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डाॅ. जयंत उपाध्याय, सहायक कुलसचिवगण उपस्थित थे।

कुलसचिव कादर नवाज खान ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पेट्रोल व डीजल से चलने वाली गाड़ियों के प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से हीरो कम्पनी से 122 साइकिलें खरीदीं जो बैटरी और बिना बैटरी के चलाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि साइकिलों की सुलभ चार्जिंग के लिए विश्वविद्यालय परिसर में 20 चार्जिंग प्वाइंट लगाये जा रहे हैं। हिंदी विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है जहाँ शिक्षक व अधिकारी साइकिल से परिसर आयेंगे।

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