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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दून में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र

The Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences (INMAS), a laboratory of the Defense Research and Development Organization

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 9मई। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेस (आईएनएमएएस) ने डॉक्टर रेड्डी लैब्स, हैदराबाद के साथ मिलकर एंटी- कोविड 19 दवा 2-deoxy-D-ग्लूकोज (2-DG) बनाई है। कोरोना की इस ओरल दवा को (डीसीजीआई) ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह समेत अभियान से जुड़े सभी प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को फ़ोन पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से यह दवा कोरोना वायरस के उपचार में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर कोरोना को हराएंगे। हम जीतेंगे, महामारी हारेगी।

इसके साथ ही उत्तराखंड में कोरोना के उपचार के लिए दून में ऑक्सीजन उत्पादन व ऑक्सीजन कन्सट्रक्टर निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश देने के लिए पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह को पत्र लिखा। जिससे प्रदेश भर के लोगों को राहत मिल सके और कोरोना मरीजों का जल्द उपचार किया जा सके।

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने क‌हा कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि देहरादून स्थित ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री (ओएलएफ) में पहले नाइट्रोजन गैस का उत्पादन किया जाता था, लेकिन वर्तमान में उत्पादन बंद किया गया है। ऐसे में संकट के इस समय में ओएलएफ में ऑक्सीजन का उत्पादन कर कोरोना मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऑर्डनरी फैक्ट्री देहरादून (ओएफडी) में ऑक्सीजन कन्सट्रक्टर का भी निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए मंत्री श्री सतपाल महाराज ने मांग करते हुए कहा कि दून में जल्द ऑक्सीजन उत्पादन और ऑक्सीजन कन्सट्रक्टर के निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया जाए।

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