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पश्चिम बंगाल में हिंसा के खिलाफ अप्रवासी भारतीयों ने किया व्यापक विरोध प्रदर्शन

समग्र समाचार सेवा
लंदन, 10 मई। पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं व शांतिपूर्ण हिंदुओं पर किए गए हमलों के खिलाफ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अप्रवासी भारतीयों द्वारा वैश्विक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

After winning elections in West Bengal, TMC activists are protesting against the attacks on BJP workers and peaceful Hindus by global non-resident Indians in different parts of the world.

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद भाजपा समर्थकों पर अत्याचार और हिंदुओं के नरसंहार के लिए सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार माना जा रहा है। अप्रवासी भारतीयों ने कहा कि वे हिंदू समुदाय के ऐसे नरसंहार के मूक दर्शक नहीं रहेंगे। इसी क्रम में एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व और समन्वय श्री के एस शेखावत प्रेसिडेंट ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ़ बीजेपी (ओएफबीजेपी) ने यूके, लंदन में किया।

इसी बीच बीजेपी के IT डिपार्टमेंट के नेशनल इंचार्ज अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि ममता बनर्जी की निगरानी में बंगाल में हुई चुनावी हिंसा ने पश्चिम बंगाल में वैश्विक तबाही ला दी है। दुनिया भर में इसका व्यापक विरोध हो रहा है। 50 से अधिक शहरों में रह रहे एनआरआई और 30 से अधिक देशों और 5 + महाद्वीपों में फैले हुए बंगाली प्रवासी पश्चिम बंगाल में हिंसा को रोकने की मांग कर रहे है।

बता दें कि बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसाओं के दौरान कई जगहों पर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प में कई महिला कार्यकर्ताओं पर भी क्रूरता के साथ अत्याचार किए गए थे। यहां तक की इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं के घर में आग भी लगा दी गई थी।

बताया जाता है कि अब तक बीजेपी के 10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मार दिया गया है। इसके खौफ से बंगाल से बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पलायन भी शुरू कर दिया है। ऐसा दावा भी किया जा रहा है कि चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा के कारण पश्चिम बंगाल में अपने घरों से भागकर करीब 300-400 भाजपा कार्यकर्ताओं ने असम में शरण ली है।

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