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आक्सीजन प्लान्ट हेतु सासंद की स्वीकृति: सी.ए. राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने जताया आभार

Sasand Tehri, Maharani Mala Rajalakshmi Shah has expressed gratitude to the people of the area for accepting Rs. 50 lakhs of Parliamentary

समग्र समाचार सेवा

देहरादून,12 मई। सासंद टिहरी, महारानी माला राजलक्ष्मी शाह ने विकासखण्ड प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैण्ड में आक्सीजन प्लान्ट हेतु सासंद निधि के50 लाख रुपये कि स्वीकृती प्रदान करने पर क्षेत्र की जनता ने आभार जताया है। क्षेत्र में अलग पहचान रखने वाले समाज सेवी सी .ए. राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने कहा की सासंद टिहरी, महारानी माला राजलक्ष्मी शाह जी का यह निर्णय प्रतापनगर क्षेत्र को विकास के नक्शे पर लाने का एक और सराहनीय प्रयास है। स्वास्थय् के क्षेत्र में प्रतापनगर को वास्तव में इस तरह के एक बड़े जिम्मेदार हस्तक्षेप की जरुरत लम्बें समय से थी। निश्चिय ही इस आक्सीजन प्लान्ट के सफलतापूर्वक निर्माण व संचालन से प्रतापनगर के सुदुर क्षेत्रो की स्वास्थय् जरुरतो के साथ ही उत्तरकाशी, घनशाली, सुदूर बूढाकेदार आदि क्षेत्रो के साथ ही नई टिहरी के चिकित्सालय की आक्सीजन जरुरतो की भी पूर्ति हो सकेगी। जाहिर है कि स्वास्थ्य केन्द्र चैण्ड में प्लान्ट के सफलता पूर्वक संचालन व अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिये, योग्य व नियमित चिकित्सको, विशेषज्ञों, तकनीकी अधिकारियो -कर्मचारीयो की नियुक्ति की व्यवस्था कि जायेगी। सासंद टिहरी का यह प्रयास न केवल वर्तमान कोरोना काल से जुडी जरुरतो के लिये ही नही वरन् क्षेत्र की अनिवार्य स्वास्थय् जरुरतों के लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।
उन्होने कहा की प्रतापनगर में विकास का माहौल तैयार करने में वर्तमान सासंद महारानी टिहरी व राजपरिवार का हमेशा ही सहयोग रहा है। प्रतापनगर के सौण्डखाण्ड का केंद्रिय विद्यालय, बहुप्रतिक्षित डोबराचाठी पुल के निर्माण में मुखर योगदान से जिस प्रकार आज क्षेत्र लाभान्वित हो रहा है, उसी कड़ी मे, शिक्षा आवागमन के साथ ही अब स्वास्थय् के क्षेत्र आपके द्वारा लिया गया यह कदम निश्चय ही प्रतापनगर के विकास में नीवं का पत्थर साबित होगा। यह व्यवस्था आने वाले समय में, चिकित्सीय कारणों से होने वाले पलायन को भी प्रभावित करेगी, साथ ही स्थानीय प्रशिक्षित युवाओ के लिये रोजगार का माहौल भी बनेगा।
प्रतापनगर जैसे अन्य पिछड़ क्षेत्रो के लिये, इसी प्रकार की दूरदर्र्शी सोच के साथ किये जाने वाले ‘‘निवेश’’ के निर्णयो की जरुरत रही है, जो विकास की अन्य जरुरतो के लिये भी सहयोगी माहौल बना सके। अन्य स्थानीय जनप्रतिधियों के लिये भी यह अनुकरणीय होगा कि ‘‘विकास निधि का निवेश’’ और अपना ‘‘अधिकारिक प्रयास’’ किस तरह कि गतिविधियो के लिये किया जाना जनहित में अधिक जरुरी है।

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