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जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारियों सहित विभिन्न नोडल अधिकारियों के साथ की बैठक

District Magistrate Covid-19 held a virtual meeting with various nodal officers including all the Deputy District Magistrates for the prevention and effective control of infection.

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 15 मई। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारियों सहित विभिन्न नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की।
जिलाधिकारी ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु नामित नोडल अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी/कर्मचारी , उनकों सौंपे गऐ दायित्वों का भलीभांति निर्वहन करें साथ ही आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी को किसी प्रकार की कोई शंका हो तो अपनी शंका का समाधान समय पर कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालय यह सुनिश्चित कर ले किसी भी संक्रमित के उपचार में लापरवाही ना बरती जाए, यदि चिकित्सालयों की लापरवाही की वजह से किसी की मृत्यु होती है तो सम्बन्धित चिकित्सालय के विरूद्ध निर्धारित प्राविधानों के अनुरूप कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया किया कि जनपद में बनाए गए कोविड चिकित्सालय एवं कोविड केयर सेन्टर में कितने मरीज भर्ती हुए तथा कितने संक्रमितों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई उनका प्रत्येक चिकित्सालयवार विवरण प्रस्तुत किया जाए तथा भर्ती होने की तिथि एवं मृत्यु की तिथि एवं मृत्यु का स्पष्ट कारण उल्लिखित किया जाए। साथ ही सभी चिकित्यालयों में हुई मृत्यु का ऑडिट करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को कहा कि समस्त कोविड चिकित्सालयों को उनके यहां हुई मृत्यु को प्रतिदिन पोर्टल पर भी अद्यतन करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि उनके क्षेत्र में कोविड संक्रमित व्यक्ति चिन्हित होते हैं तो तत्काल उस क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन बनाने की कार्यवाही कर दी जाए, उसमें स्वीकृति का इंतजार ना किया जाए। उन्होंने लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित हो रहे संक्रमित व्यक्तियों पर पैनी नजर रखते हुए कन्टेंनमेंट जोन बनाने की कार्यवाही करने पर बल दिया साथ ही उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में टीम भेजकर एन्टीजन सैम्पलिंग करवाने तथा होम आयशोलेशन किट एवं आइवरमैक्टिन दवा वितरण करवाने के निर्देश दिए। उन्होने उप जिलाधिकारी चकराता को त्यूणी, कालसी, साहिया आदि क्षेत्रों में तथा उप जिलाधिकारी डोईवाला को डोईवाला, रायपुर के पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में टीम भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों में एन्टीजन सैम्पलिंग करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होने े समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए एसडीआरएफ मद के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि व्यय कर ली गई है तो अग्रिम रूप से धन की मांग करना सुनिश्चित करें।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने एसडीआरएफ के अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी का अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सामग्री/उपकरण की खरीद को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक खरीद के अन्तर्गत आइवरमैक्टिन, एलेक्सो प्रोइमाइसिन, जिंक विटामिन सी, पैरासिटमॉल, फॉलिक एसिड, डाक्सी दवाओं के साथ ही मास्क सेनिटाइजर, पीपीई किट्स, गलब्स, फैससिल्ड, थर्मामीटिर, पल्स आक्सोमीटर जैसी सामग्री तत्काल कोटेशन एवं विभागीय स्वीकृति दर के आधार पर क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीर्घकालिक खरीद के अन्तर्गत जम्बो सिलेंण्डर, फ्लोमीटर, बी-टाईप सिलेण्डर, आक्सीजन कसंनटेटर, एम्बुलेंस, बाईपेप, वेंटिलेटर, बैड्स, आदि की खरीद की जाए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर दवाई की खरीद 10 प्रतिशत् बढाकर की जाए। उक्त सामग्री एवं उपकरण पूर्ण गारंटी के साथ खरीदी जाएं ताकि कोई सामग्री खराब होने पर वापस की जा सके। उन्होंने कहा कि रैपिड एन्टीजन किट स्पेशिफिक प्रमाणित विक्रेता से ही क्रय की जाए। इसके अलावा उन्होंने बॉडी बैग, सोडियम हाइपोक्लोराईट, डिस्पोजेबल बैड सीट, तौलिए आदि की खरीद किए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत प्राप्त हुई रिपोर्ट में 1423 व्यक्तियों की रिपोर्ट पाॅजिटिव प्राप्त होने के फलस्वरूप जनपद में आतिथि तक कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 98949 हो गयी है, जिनमें कुल 68285 व्यक्ति उपचार के उपरान्त स्वस्थ हो गये हैं। वर्तमान में जनपद में 27667 व्यक्ति उपचाररत हैं। आज जांच हेतु कुल 7285 सैम्पल भेजे गए। जनपद में अस्पतालों को 1950 एवं आम नागरिकों 135 आक्सीजन सिलेण्डर वितरित किए। जनपद में जिला प्रशासन द्वारा 620 एवं एसडीआरएफ द्वारा 187 तथा विभिन्न विकासखण्डों में 383 होम आयशोलेशन किट का वितरण किया गया। आपदा कन्ट्रोलरूम में होमआयशोलेशन में रह रहे 27 व्यक्तियों की हेल्पलाईन पर कॉल प्राप्त हुई जिनमें 01 कॉल वृद्धजन, अन्य की 26 काॅल तथा आपदा कन्ट्रोलरूम में 07 काॅल प्राप्त हुई। जनपद में आज 64176 व्यक्तियों का कम्यूनिटी सर्विलांस किया गया जिसमें 289 व्यक्तियों में कोविड-19 संक्रमण सम्बन्धी लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग को सैम्पलिंग लेने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार आज कोविड कन्ट्रोलरूम से होमआयशोलेशन में रह रहे 245 व्यक्तियों को सम्पर्क कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में एम्बुलेंस किराया निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी एम्बुलेंस स्वामी/चालक को दिए गए निर्देशों का कड़ाई से सुनिश्चित करें तथा निर्धारित दरों के अनुसार ही मरीज/उपभोक्ताओं को रसीद भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होनंे सभी एम्बुलेंस स्वामी/चालकों को किराया सूची एम्बुलेंस पर चस्पा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया यदि कोई निर्धारित राशि से अधिक किराया वसूलता है तो सम्बन्धित विरूद्ध निर्धारित प्राविधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा आज जनपद में स्थित विभिन्न अस्पतालों (कैलाश हॉस्पिटल, सीएमआई हॉस्पिटल, कोरोनेशन हॉस्पिटल, दून हॉस्पिटल, महंत इंद्रेश हॉस्पिटल, सिनर्जी हॉस्पिटल ) में तथा इन अस्पतालों के आस-पास उपलब्ध एंबुलेंस चालक व मालिकों को जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित एंबुलेंस के किराये की दरों के बारे में अवगत कराया गया तथा उल्लंघन की स्थिति में अधिक किराया लेने पर उनके विरुद्ध किए जाने वाली कार्रवाई के बारे में बताया गया तथा एम्बुलेंस पर आदेश की प्रति चस्पा की गई ।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीर सिंह बुदियाल द्वारा आईडीपीएल ऋषिकेश में डीआरडीओ के माध्यम से तैयार किए जा रहे कोविड चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सालय हेतु सड़क, बिजली, पानी आदि व्यवस्थाएं की प्रगति का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए 18 मई तक चिकित्सालय संचालन कार्य प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए।

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