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जब ऑक्सीजन लेने के लिए पीपल के पेड़ पर कुर्सी लगाकर बैठ गए बुजूर्ग

During the Corona epidemic, many patients lost their lives due to low oxygen levels. It is obvious that in the greed of urbanization,

समग्र समाचार सेवा
इंदौर, 16 मई। कोरोना महामारी के दौरान तमाम मरीजों ने ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण अपनी जान गंवा दी। जाहिर जी बात है शहरीकरण के लालच में हमने ऑक्जीजन देने वाले तमाम पेड़-पौधो को गायब कर दिया है। और ऐसे में अगर ऑक्सीजन दाता ही और शुद्ध हवा कहीं मिल जाए तो बहुत ही बड़ी बात है। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला मध्यप्रदेश के इंदौर में। यहां राऊ रंगवासा गांव में एक वृद्ध राजेन्द्र पाटीदार जिनकी उम्र 67 वर्ष है वे शुद्ध हवा और आक्सीजन लेने के लिए एक वृद्ध पीपल पेड़ पर कुर्सी लगाकर बैठ गए है, सुबह से देर शाम तक वृद्ध पीपल के पेड़ पर बैठे रहते है। वृद्ध राजेन्द्र पाटीदार का पेड़ पर कुर्सी लगाकर बैठना चर्चा का विषय बन गया है।
बता दें कि वे सुबह से शाम तक पेड़ पर ही बैठे रहते है, जिससे उनका आक्सीजन लेबल 99 बना हुआ है, हालांकि राजेन्द्र पाटीदार प्राणायाम व योग भी करते रहते है, उनका दावा है कि पीपल के पेड़ के साथ जो लोग प्राणवायु की जुगलबंदी करते है उन्हे न तो कोरोना हो सकता है न ही उनका आक्सीजन लेबल घट सकता है, पेशे से कृषक राजेन्द्र पाटीदार के घर के पास ही तीन पीपल के पेड़ लगे हुए है, जिसमें एक पेड़ घर से ही सटा हुआ है, करीब 25 दिन से पीपल के पेड़ पर कुर्सी जमाकर बैठे श्री पाटीदार की अनूठी पहल को देखते ग्रामीण भी काफी उत्साहित नजर आ रहे है, खासबात यह भी है कि वृद्ध के पेड़ पर चढऩे से लेकर सभी साधन पेड़ पर ही परिजन उपलब्ध करा रहे है, उनका कहना है कि पेड़ पर चढऩे व उतरने से उनकी कसरत भी हो जाती है, वे अपने आप को काफी फिट महसूस कर रहे है, जिसका श्रेय भी वे पीपल के पेड़ को दे रहे है।
यह बहुत अच्छा संदेश है समाज के लिए अभी भी वक्त है वे अपने आस -पास वृक्षारोपण कर काफी हद तक शुद्ध हवा आने का उपाय कर सकते है।

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