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धरना प्रदर्शन के बजाय पीड़ितों की सुध ले कांग्रेस: मदन कौशिक

BJP president Madan Kaushik said that in this hour of crisis, the more energy the Congress is putting on the display, it would have been better if it had gone to the public in the spirit of service. He said that this is not the time to explore issues for politics, but to run with the victims at this time and the opposition is mostly missing in this.

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 18मई। भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि संकट की इस घड़ी में कांग्रेस जितनी ऊर्जा धरना प्रदर्शन में लगा रही है, उतनी वह जनता के बीच जाकर सेवा भाव में लगाती तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि यह वक़्त राजनीति के लिए मुद्दे तलाशने का नहीं, बल्कि इस समय पीड़ितों के साथ चलने का है और इसमें विपक्ष अधिकतर गायब ही है।इस समय प्राथमिकता आलोचना नहीं,बल्कि आगे आकर सम्स्याओ का हल करने और सरकार तथा सरकारी एजेंसी के साथ राहत पहुचाने में मदद करने का है।
श्री कौशिक ने कहा कि राजनीति के लिए आगे भी वक़्त आएगा, लेकिन अभी कोरोना से लड़ना है। भाजपा संगठन पूरी ताकत से लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए हर तरह से लगा है और कांग्रेस को भी संकट के समय संयम रखने की आवश्यक्ता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक ने कहा कि संकट की इस घड़ी में विपक्षी दल कांग्रेस को व्यवस्था पर सवाल और खामिया निकालने के बजाय समस्या का हल तलाशने की कोशिश करनी चाहिये।
कांग्रेस जितनी ऊर्जा धरना प्रदर्शन में लगा रही है,उतनी वह जनता के बीच जाकर सेवा भाव में लगाती तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि यह वक़्त राजनीति के लिए मुद्दे तलाशने का नहीं, बल्कि इस समय पीड़ितों के साथ चलने का है और इसमें विपक्ष अधिकतर गायब ही है।इस समय प्राथमिकता आलोचना नहीं,बल्कि आगे आकर समस्याओं का हल करने और सरकार तथा सरकारी एजेंसी के साथ राहत पहुचाने में मदद करने का है।
श्री कौशिक ने कहा कि राजनीति के लिए आगे भी वक़्त आएगा, लेकिन अभी कोरोना से लड़ना है। भाजपा संगठन पूरी ताकत से लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए हर तरह से लगा और कांग्रेस को भी संकट के समय संयम रखने की आवश्यक्ता है।

उन्होंने कहा कि कोरोना विश्वव्यापी समस्या है और आज इससे लड़ाई के लिए सबको एकजुट होकर एक दूसरे का हाथ पकड़कर साथ देना है। पर्वतीय क्षेत्रो में महमारी न फैले और तीसरी लहर से किस तरह मुकाबला करे इसके लिए विपक्ष सुझाव दे और रचनात्मक भूमिका निभाये। आलोचना और व्यवस्था में खामिया गिनाकर लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती है।

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