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कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के निवास पर महिला ने लगायी फांसी, खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज

Kamang Nath was a forest minister in the government and Umang Singhar, MLA from Gandhwani, has registered a case of abetment to suicide

समग्र समाचार सेवा
दिल्ली, 18 मई।

कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रहे और गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार पर भोपाल पुलिस ने सोमवार की देर रात खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। एक दिन पहले ही भोपाल में उनके निवास पर उनकी महिला मित्र सोनिया भारद्वाज ने फांसी लगा ली थी। उमंग सिंघार कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भी रहे हैं और राहुल गांधी की टीम के सदस्य माने जाते हैं।

पुलिस ने मृतका के पास से मिले सुसाइड नोट और उनके स्वजनों के बयानों को आधार बनाकर सिंघार पर एफआइआर दर्ज की है। सोमवार देर शाम तक स्वजनों के बयान चले थे। इसके बाद पुलिस ने विधिक सलाहाकारों से सलाह लेकर सिंघार के खिलाफ आइपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। एफआइआर के बाद उमंग सिंघार से बात करने के प्रयास किए गए लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार शाहपुरा स्थित विधायक उमंग सिंघार के निजी निवास पर सोनिया भारद्वाज के पास से सुसाइड नोट मिला है। उस सुसाइड नोट में उमंग सिंघार का नाम लिखा है। इससे यह पता चलता है कि सोनिया कहीं न कहीं सिंघार से भयभीत थी। जांच के दौरान कुछ वीडियो और फोटोग्राफ भी मिले हैं।

अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने सोनिया के बेटे आर्यन और उनकी मां कुंती देवी के तीन घंटे तक शाहपुरा थाने में लिखित बयान दर्ज किए। दोनों ने विस्तार बताया कि सितंबर में सोनिया कांग्रेस विधायक के संपर्क में आई थी। उसके बाद से लगातार उनके संपर्क में थी। दोनों के बयानों में सोनिया और विधायक के बीच विवाद की बात भी सामने आई है। बेटे आर्यन ने पुलिस से कहा है कि जब भी उमंग सिंघार और मां के बीच विवाद होता था, मां अकसर विवाद के बाद उसे मुझे वीडियो कॉल कर पूरा मामला बताती थी।

सोमवार दोपहर को ही उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाया था कि पुलिस के जरिए परिवार को बार-बार बयान लेकर परेशान किया जा रहा है।

एफआइआर से पहले उमंग सिंघार ने भोपाल रेंज के आइजी को आवेदन लिखकर अपील की थी कि वह एक जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए एफआइआर से पहले एक मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए। सिंघार ने दावा किया कि सोनिया के सुसाइड नोट में ऐसा कुछ नहीं लिखा है, जिससे मेरे ऊपर खुदकुशी के लिए उकसाने का केस बने। सिंघार ने अपने आवेदन में टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी को लेकर हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया।

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