Site icon Samagra Bharat News website

उत्तराखंड: बीते 24 घंटों में 7000 से अधिक कोरोना मरीज हुए स्वस्थ तो 4800 मिले नए संक्रमित

Giving information about the efforts being made by the state government for the prevention of covid-19 in Uttarakhand, Secretary Health

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 20मई। उत्तराखंड में कोविड-19 की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में सचिवालय मीडिया सेंटर में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते 24 घंटों में 7000 से अधिक मरीज स्वस्थ हुए हैं जबकि करीब 4800 नए मामले सामने आए हैं सचिव स्वास्थ्य ने ई-संजीवनी की बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 1200 लोगों ने कल ईसंजीवनी के जरिए निशुल्क स्वास्थ्य का परामर्श लिया। अभी तक 26 हज़ार से ज्यादा लोग पिछले कुछ दिनों में ही ई-संजीवनी का लाभ ले चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 पॉजीटिवीटी रेट 23 से घटकर 15 प्रतिशत तक आ गया है। प्रदेश में लगातार सैंपलिंग बढ़ाई जा रही है। कल प्रदेश में 35 हजार की सेंपलिंग की गई। सचिव श्री नेगी ने बताया वर्तमान में प्रदेश का कोविड टेस्टिंग रेट राष्ट्रीय औसत के दोगुनी है।

सचिव श्री अमित नेगी ने यह भी बताया कि 1 अप्रैल 2021 के बाद से महिला और पुरुषों के पॉज़िटिविटी आंकड़ों के अनुसार संक्रमित में 62 प्रतिशत पुरुष हैं जबकि 38 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अलावा सबसे अधिक तीन श्रेणी में युवा आयु वर्ग के लोगों में कोरोना संक्रमण देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सेकंड वेव में संक्रमितों में 20 से लेकर 29 साल की आयु वर्ग के लोगों में 21.9 प्रतिशत, 30 से लेकर 39 साल की आयु वर्ग के लोगों में 24.2 प्रतिशत, 40 से लेकर उम्र 49 आयु वर्ग के लोगों में 18.5 प्रतिशत हैं। इसके अलावा 1 अप्रैल 2021 के बाद 40 वर्ष से 79 आयुवर्ग के लोगों में मौत का औसत सबसे ज्यादा है। उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना डेथ में 40 से 49 वर्ष तक की आयु वर्ग के लोगों की मृत्यु 17 प्रतिशत, 50 से 59 वर्ष तक की आयु के लोगों की मृत्यु 23 प्रतिशत, 60 से 69 वर्ष तक की आयु के लोगों की मृत्यु 24 प्रतिशत, जबकि 70 से 79 वर्ष तक की आयु के लोगों की मृत्यु 16.42 प्रतिशत लोगों मृत्यु हुई है।

ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अफसर सचिव परिवहन रंजीत सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में आक्सीजन आपूर्ति पर सबसे पहले हमने मैपिंग की कि कहाँ कहाँ उत्पादन हो रहा है और किस किस जिले को आक्सीजन कहाँ से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 3 बड़े प्लांट के जरिए 96 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति भारत सरकार की तरफ से आवंटन है। इसके अलावा 6 छोटी यूनिटो से लगभग 70 मैट्रिक टन उत्पादन है। इनसे 7700 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकते हैं। प्रदेश के सभी 13 जिलों को अलग-अलग स्थानों पर ऑक्सीजन सप्लाई हेतु फिलिंग प्वाइंट आवंटित कर दिए गए हैं जिसके जरिए रोजाना 167 मेट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और आपूर्ति राज्य में हो रही है। इसके अलावा भारत सरकार से दूसरे राज्यों से 60 मैट्रिक टन आवंटित किया है। अभी तक बाहर से तीन बार में 260 मैट्रिक टन प्राप्त हुआ है।

सचिव श्री रणजीत सिन्हा ने बताया कि गढ़वाल मंडल में 50 मेट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन को रिजर्व में रखा गया है जबकि कुमाऊं मंडल में 40 मेट्रिक टन ऑक्सीजन को रिजर्व कोटे में रखा गया है। ताकि पीक के समय संकट न हो। इसके अलावा 11 अस्पतालों के अंदर छोटे ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा 11 नये स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट का काम चल रहा है जबकि 11 की स्वीकृति मिल चुकी है। जबकि 15 नए स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट का प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसके अलावा बड़े अस्पतालों में स्टोरेज बढ़ाने के लिए नए ऑक्सीजन टैंक की योजना भी बनाई जा रही है। श्री सिन्हा ने बताया कि पहाड़ी जिलों में 72 घंटे की ऑक्सीजन को रिज़र्व कोटे में रखा गया है जबकि मैदानी जिलों में 24 घंटे के ऑक्सीजन को रिजर्व कोटे में रखा गया है।

आईजी अमित सिन्हा ने कालाबाजारी को लेकर किए जा रहे हैं कार्यवाही के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उधम सिंह नगर जिले में फर्जी RT PCR लैब में छापेमारी कर मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि एंबुलेंस और अस्पतालों में ओवरचार्जिंग के मामले में भी कार्रवाई की जा रही है।

डीआईजी एसडीआरएफ़ रिधिम अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए एसडीआरएफ़ ने 20 गांव को गोद लिया है। एसडीआरएफ़ द्वारा गांव में बने क्वारेंटीन सेंटर्स में योगाभ्यास करवाया जा रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को जरूरी दवा और सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा एसडीआरएफ़ द्वारा जन जागरूकता के लिए विशेष प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

Exit mobile version