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भारत बायोटेक अगले महीने शुरू कर सकता है बच्चों पर कोवैक्सिन का ट्रायल

Vaccine manufacturer Bharat Biotech may start its Corona Co-vaccine trial on children in June. The company has already received the permission from the government for trials on children aged 2 to 18 years. This information has been given by the company's Business Development and International Advocacy Head, Dr. Raches Ella.

सेवा समाचार सेवा ,
दिल्ली , 24 मई। वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक अपनी कोरोना कोवैक्सिन का बच्चों पर ट्रायल जून में शुरू कर सकती है। कंपनी को 2 से 18 साल के बच्चों पर ट्रायल की अनुमति सरकार से पहले ही मिल चुकी है। इसकी जानकारी कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट और इंटरनेशनल एडवोकेसी हेड डॉ. राचेस एला ने दी है।
एला ने FICCI लेडीज ऑर्गेनाइजेशन (FLO) के सदस्यों के साथ वर्चुअल मीटिंग के दौरान विश्वास जताया कि कोवैक्सिन को इस साल की तीसरी और चौथी तिमाही (लगभग साल के अंत तक) में WHO से लाइसेंस की मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है।

इस दौरान FLO की चेयरपर्सन उमा चिगुरुपति भी मौजूद रहीं। उन्होंने कोरोना को वैश्विक संकट बताया। साथ ही कहा कि इसने भारत पर सबसे ज्यादा असर किया। संक्रमित केसों के मामले में हम ब्राजील को भी पीछे छोड़ देंगे। सभी को चिंता है और इसकी एकमात्र उम्मीद वैक्सीन ही है।

डॉ. एला ने कहा, ‘मैं इस बात से खुश हूं कि हमारी मेहनत रंग ला रही है। वैक्सीन अच्छे से काम कर रही है और लोगों की जिंदगी बचा रही है। हम हर दिन घर जाते हैं, तो हमें सुकून महसूस होता है। साल के अंत तक हम वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को 70 करोड़ तक बढ़ाएंगे।’

उन्होंने आगे बताया कि हमें खुशी है कि सरकार की तरफ से हमें पूरा समर्थन मिल रहा है। इस यात्रा में आज जहां हैं, वहां खड़े होने में सक्षम हैं। वैक्सीन को ICMR के साथ मिलकर विकसित किया गया है। सरकार ने 1500 करोड़ का एडवांस ऑर्डर दिया है। ये हमें काफी मदद करेगा। इसलिए हम गुजरात और बेंगलुरु में कंपनी का विस्तार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने प्रोडक्ट को डेवलप करने पर ध्यान दिया। अब हम इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।

इससे पहले भारत सरकार ने 12 मई को 2 से 18 साल के बच्चों के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सिन मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया था कि दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल 10 से 12 दिन में शुरू होंगे। ये मंजूरी DCGI की एक्सपर्ट्स की टीम (SEC) की सिफारिश के बाद दी गई थी। ये भारत का पहला टीका होगा जो बच्चों को लगाया जाएगा।

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