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अमर शहीद श्रीदेव सुमन को जन्म दिवस पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

The 106th birth anniversary of the freedom fighter fighter Amar Shaheed Sridev Suman of Tehri Janakranti was celebrated with simplicity in the village of Jaul. During this time, people garlanded the martyr's statue and paid homage to the sentiment.

समग्र समाचार सेवा
नई टिहरी, 25 मई। टिहरी जनक्रांति के नायक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद श्रीदेव सुमन की 106 वीं जयंती जौल गांव में सादगी से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने शहीद की मूर्ति पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए श्रीदेव सुमन की जयंती मनायी गयी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘टिहरी जनक्रांति के नायक, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद श्रीदेव सुमन के जन्म दिवस पर षत-षत नमन। भारतीय स्वर्णाक्षरों से अंकित श्रीदेव सुमन की बलिदान गाथा सदियों तक हमें प्रेरणा देती रहेगी।”
अमर शहीद श्रीदेव सुमन के पैतृक गांव जौल स्थित स्मारक में ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद पूर्व विधायक टिहरी किशेर उपाध्याय ने भी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत को पत्र भेजकर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का परिसर चंबा में स्थापित करने की मांग की। उपाध्याय ने कहा कि श्रीदेव सुमन के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वहीं श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुलपति और अन्य अधिकारियों ने भी श्रीदेव सुमन की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये।

इसके बाद श्रीदेव सुमन स्मृति व्याख्यान का आनलाइन आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन करते हुए कुलपति डाॅ पीपी ध्यानी ने कहा कि श्रीदेव सुमन की जन्म स्थली जौल गांव को स्मार्ट गांव बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को ’’श्रीदेव सुमन गोल्ड मेडल’’ से सम्मानित किया जायेगा।
डा. ध्यानी ने कहा कि श्रीदेव सुमन जी का व्यक्तित्व व कृतित्व युगों युगों तक पीढीयों को प्रेरित और गौरवान्वित करता रहेगा। साथ ही साथ, उन्होने श्रीदेव सुमन की जन्मस्थली जौल गांव के समग्र विकास हेतु राज्य सरकार से अपेक्षा भी की। उन्होने बताया कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है तथा समय समय पर महान क्रान्तिकारियों ने इस धरती पर जन्म लेकर पर्वतीय क्षेत्र की गरिमा को बढाया है।

आयोजन के इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 एम0एस0रावत, उपकुलसचिव खेमराज भट्ट, सहायक परीक्षा नियंत्रक डा0 बी0एल0आर्य, सहायक कुलसचिव हेमराज चैहान, कुलदीप सिंह नेगी, राहुल सजवाण, अर्जुन एवं चम्बा, टिहरी और बादशाहीथौल के गण-मान्य व्यक्ति आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सहायक परीक्षा नियंत्रक डा0 हेमन्त बिष्ट द्वारा किया गया और अतिथियों का आभार कुलसचिव प्रो0 एम0एस0 रावत द्वारा किया गया।

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