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उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल होगा उत्तराखण्ड: डॉ. धन सिंह रावत

State Higher Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat has expressed happiness on coming third in GER in higher education in the country with 39.1 percent in the SDG report released by NITI Aayog.

समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 5जून। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नीति आयोग द्वारा जारी SDG रिपोर्ट में गोल 4.3 में उच्च शिक्षा में GER में पूरे देश में 39.1 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है । उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा के समग्र विकास की दिशा में सतत प्रयत्नशील है और यह उसी का परिणाम है । उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा के समग्र विकास की दिशा में विगत चार वर्षों से योजनागत रूप से कार्य कर रही है जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न आयामों का समुचित विकास हो सके । उच्च शिक्षा ने विगत वर्षों की तुलना में हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़े हैं जिसके लिए पूरा उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षक और विद्यार्थी बधाई के पात्र हैं, यहाँ तक की कोविड 19 के इस कठिन दौर में भी उच्च शिक्षा के विकास की गति रुकी नहीं अपितु चुनौतियों को स्वीकार कर और आगे बढती रही । उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करना है जिसके लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े समस्त शिक्षकों, विद्यार्थियों सहित सरकारी और निजी संस्थानों के सहयोग और भूमिका की आवश्यकता होगी । वर्तमान में राज्य में 106 शासकीय महाविद्यालय हैं, जिसमें 04 वर्षों के अन्दर रिकॉर्ड 13 डीपीसी कर शत प्रतिशत प्राचार्यों की नियुक्ति की जा चुकी है, लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न विषयों में चयनित 877 प्राध्यापकों को दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति दी जा चुकी है, उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद् द्वारा चयनित 28 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति, 14 प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति, 06 इलेक्ट्रीशियन, 01 संगणक, तथा 01 वैयक्तिक सहायक की नियुक्ति की जा चुकी है । इसके अतिरिक्त शेष पदों पर नियुक्ति हेतु लोक सेवा आयोग और राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन प्रेषित करने की प्रक्रिया गतिमान है । उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदनाम को स्वीकृति प्रदान कर 136 प्राध्यापकों को उक्त पदों पर प्रोन्नति प्रदान की । इसके साथ ही महाविद्यालयों में प्राचार्यों की सीधी भर्ती के सम्बन्ध में भी शीघ्र ही निर्णय लिया जाना है । राज्य के 106 शासकीय महाविद्यालयों में 102 महाविद्यालयों को अपना भवन मिला है जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है । गोपेश्वर और ऋषिकेश स्थित महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का परिसर बना कर पहाड़ में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को सुलभ कराने की दिशा में सकारात्मक कार्य हुआ है । रूसा अंतर्गत 62 महाविद्यालयों एवं 04 विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधा का निर्माण और विकास का कार्य गतिमान है । देवीधुरा, किच्छा और मिठीबेरी में मॉडल कॉलेज की स्थापना, पैठाणी में मॉडल व्यवसायिक महाविद्यालय की स्थापना राज्य के विकास में मील का पत्थर स्थापित होगी । सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की स्थापना , दून विश्वविद्यालय में नित्यानंद हिमालयी शोध संस्थान की स्थापना पहाड़ और हिमालय के सतत विकास के मॉडल तय करने में सहायक होगी । इसके साथ ही समस्त विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में 4 जी कनेक्टिविटी, कैंपस में वाई फाई की स्थापना, ई ग्रंथालय , सभी महाविद्यालयों में कंप्यूटर लैब, नैक प्रत्यायन के लिए 13 महाविद्यालयों को 01 करोड़ की आर्थिक सहायता, निदेशालय स्तर पर MIS पोर्टल का विकास भी उच्च शिक्षा के समग्र विकास में उल्लेखनीय कदम है । प्रत्येक महाविद्यालय में अपने देश के गौरव परमवीर चक्र प्राप्त सेनानियों की स्मृति में शौर्य दीवार, महाविद्यालयों में प्रत्येक दिन राष्ट्र ध्वज का ध्वजारोहण और राष्ट्र गान, महाविद्यालयों में क्लीन कैंपस ग्रीन कैंपस ड्राइव, छात्र छात्राओं को निशुल्क बीमा योजना भी अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रयास हैं । इसके साथ ही देहरादून में विश्वस्तरीय पुस्तक मेला का आयोजन (2017) , हरिद्वार में ज्ञान कुम्भ का आयोजन (2018), देहरादून में यंग लीडर्स कॉन्क्लेव का आयोजन (2020), विवेकानंद जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन (2021) तथा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती, शौर्य दिवस पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को क्रमशः एक लाख, पचहत्तर हजार एवं पचास हजार की धनराशि का पुरष्कार प्रदान कर विद्यार्थियों को एक नया मंच देकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माहौल का विकास किया गया । इसके साथ ही राज्य के महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्रों को विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने पर मेरिट स्कालरशिप का प्रावधान किया गया।

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