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कोरोना से बचने का एक ही कारगार उपाय, कोरोना प्रोटोकॉल कड़ाई से हो पालन: पीएम मोदी

PM Modi addressed the nation today amid the second wave of Corona crisis. In his speech of about 30 minutes, he urged the people

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7जून। कोरोना संकट के दूसरी लहर के बीच पीएम मोदी ने आज देश को संबोधित किया। अपने लगभग 30 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने लोगों से कोरोना प्रोटोकाल को कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कोरोना से जान गंवाने वालों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पिछले 100 साल में यह सबसे बड़ी महामारी है। देश में वेंटिलेटर और स्वास्थ्य सुविधाओं की इतनी ज्यादा कमी पहली बार हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि अप्रैल और मई के महीने में ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई। भारत में कभी इतनी मात्रा में इतनी ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे। ऑक्सीजन रेल, एयरफोर्स, नौसेना को लगाया गया। लिक्विड ऑक्सीजन के प्रोडक्शन में 10 गुना ज्यादा बढ़ोतरी बहुत कम समय में हो गई।
दुनिया के हर कोने से जो उपलब्ध हो सकता था, उसे लाया गया। जरूरी दवाओं के प्रोडक्शन को कई गुना बढ़ाया गया। विदेशों में जहां भी दवाइयां उपलब्ध हों, वहां से उन्हें लाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। कोरोना जैसे अदृश्य और रूप बदलने वाले दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार कोविड प्रोटोकॉल है। मास्क, दो गज की दूरी और बाकी सावधानियों का पालन ही है।

पीएम मोदी ने कहा कि लड़ाई में वैक्सीन सुरक्षा कवच की तरह है। पूरी दुनिया में वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां गिनी-चुनी हैं। अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो भारत जैसे विशाल देश में क्या होता। पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन हासिल करने में दशकों लग जाते थे। वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था, तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था। पोलियो, स्मॉल पॉक्स, हैपेटाइटिस बी की वैक्सीन के लिए देशवासियों ने दशकों तक इंतजार किया था।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया है कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है।

– पीएम मोदी ने कहा, हर आशंका को हटा करके भारत ने 1 साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60% के आसपास था। हमारी नजर में ये चिंता की बात थी। जिस रफ्तार से भारत का टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा था, उस रफ्तार से देश को शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल करने में 40 साल लग जाते। हमने इस समस्या के समाधान के लिए मिशन इंद्रधनुष को लॉन्च किया है। हमने तय किया कि इस मिशन के माध्यम से युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन किया जाएगा और देश में जिसको भी वैक्सीनेशन की जरूरत है। उसे वैक्सीन देने का प्रयास होगा। हमने मिशन मोड में काम किया।

 

अंत में पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन के लिए अफवाह फैलानें वालों को भी सलाह दी कि वे ऐसा ना करें। पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग वैक्सीवेशन को लेकर गलत भ्रामक जानकारियां दे रहे है वो भोली- भोली जनता का फायदा ना उठाएं।

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