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हैक नही हुआ कोविन एप का डाटा, साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने दी जानकारी

In view of the third wave of corona infection, while the government is accelerating the corona vaccine program, some people are working

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्‍ली, 11जून। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए जहां सरकार कोरोना वैक्‍सीन प्रोग्राम में तेजी ला रही है, वहीं कुछ लोग सरकार के इस मिशन में बाधा बनने का काम कर रहे है। भारत के वैक्‍सीन रजिस्ट्रेशन पोर्टल ‘CoWIN’ के हैक होने की अफवाहें भी फैला रहे है। हाल ही ऐसी खबरें सामने आईं, जिसमें कहा गया था कि भारत के वैक्‍सीन रजिस्ट्रेशन पोर्टल ‘CoWIN’ को किसी ने हैक कर लिया है। इसके साथ ही कहा गया कि पोर्टल से 15 करोड़ भारतीयों का डेटा तक चोरी कर लिया गया है। इसे पूरे मामले पर अब केंद्र सरकार की ओर से सफाई दी गई है। सरकार ने ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है ‘CoWIN’ पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी भी भारतीय का डेटा चोरी नहीं हुआ है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस बात की जानकारी दी गई कि ऐसी कई रिपोर्ट सामने आ रही है कि ‘CoWIN’ प्लेटफॉर्म हैक हो चुका है. हमारी टीम ने जांच में इन खबरों को फर्जी पाया है. पोर्टल पर मौजूद सभी जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित हैं. हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम Empowered Group on Vaccine Administration (EGVAC) से कराई जा रही है।

भारत के वैक्सीन पंजीकरण पोर्टल CoWIN के हैक होने और 15 करोड़ लोगों का डेटाबेस बिक्री के लिए तैयार होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब भारतीय साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने कहा है कि इसके पीछे की वेबसाइट खुद फर्जी है. डार्क लीक मार्केट नामक एक हैकर समूह ने एक ट्वीट के माध्यम से दावा किया था कि उनके पास लगभग 15 करोड़ भारतीयों का डेटाबेस है, जिन्होंने कोविन पोर्टल पर खुद को पंजीकृत किया है और वह इसका 800 डॉलर में पुनर्विक्रय कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने मूल रूप से डेटा लीक नहीं किया है।

स्वतंत्र साइबर सुरक्षा शोधकर्ता राजशेखर राजहरिया ने IANS को बताया कि हैकिंग समूह की वेबसाइट फर्जी है और वे एक बिटकॉइन घोटाला चला रहे हैं। राजहरिया ने बताया, ‘कोविन को हैक नहीं किया गया है, क्योंकि तथाकथित हैकिंग समूह फर्जी लीक की लिस्टिंग कर रहा है।यह एक बिटकॉइन घोटाला है और लोगों को इन हैकर्स का शिकार नहीं होना चाहिए। कोविन डेटा सुरक्षित है।’ इससे पहले, फ्रांसीसी सुरक्षा शोधकर्ता बैप्टिस्ट रॉबर्ट उर्फ इलियट एल्डरसन ने भी डार्क लीक मार्केट द्वारा पोस्ट को रीट्वीट किया था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया।

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