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कांग्रेस ने जब शिवसेना के साथ गठबंधन किया था तो उनकी विचारधारा कहां थी- जितिन प्रसाद

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11जून। कांग्रेस के पूर्व नेता जितिन प्रसाद के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद से ही खलबली मची हुई है। दोनों तरफ से एक के बाद एक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे है। कपिल सिब्बल ने उनके भाजपा में शामिल होने को ‘प्रसाद की राजनीति’ बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘लोग विचारधारा से ज्यादा अपने हित को तरजीह’ दे रहे हैं।
एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में जितिन प्रसाद ने कहा, ‘कपिल सिब्बल वरिष्ठ नेता हैं। एक ही विचारधारा है वह राष्ट्रीय हित है। कांग्रेस ने जब शिवसेना के साथ गठबंधन किया तो उसकी विचारधारा को क्या हो गया था? बंगाल में वह लेफ्ट के साथ गई, उस समय उसकी विचारधारा कहां थी। इसी समय वह केरल में लेफ्ट के खिलाफ लड़ रही थी। मेरे जैसे छोटे व्यक्ति के बारे में बयान देने से कांग्रेस की किस्मत नहीं बदल जाएगी।’
प्रसाद ने कहा कि ”मेरे जैसे मामूली शख्स पर टिप्पणी करने से कांग्रेस की किस्मत नहीं बदल जाएगी।”
इससे पहले कपिल सिब्बल ने जितिन प्रसाद के एक ऐसी पार्टी में जाने की निंदा की थी जिसका उन्होंने हमेशा विरोध किया।

प्रसाद ने यह भी दावा कि किया कि उन्होंने यह फैसला काफी सोच समझ कर लिया।

बीजेपी जितिन प्रसाद को, जो कि उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरे हैं, अगले साल होने वाले यूपी चुनावों से पहले कोई महत्वपूर्ण भूमिका दे सकती है। पार्टी राज्य में ब्राह्मणों के एक वर्ग की नाराजगी को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, जो महसूस करते हैं कि ठाकुरों की तुलना में उनकी स्थिति कम हो गई है; योगी आदित्यनाथ ठाकुर हैं।

बता दें कि जितिन प्रसाद कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पिछले साल अक्तूबर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। उन्होंने पार्टी छोड़ने के लिए किसी भी व्यक्ति को दोष नहीं दिया।

 

 

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